वाशिम जिले में केंद्र सरकार के अंतर-मंत्रालयीन केंद्रीय दल ने शुक्रवार (9 अक्टूबर) को सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा कर फसलों के नुकसान का जायजा लिया। 11 सदस्यीय दल ने पहले जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक कर अमरावती विभाग के पांचों जिलों की स्थिति पर जिलाधिकारियों के प्रेजेंटेशन सुने, फिर वाशिम जिले के गांवों में खेतों का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया।
दल में वरिष्ठ अधिकारी अर्जेश कुमार मधोक, महेश कुमार, सीमा रानी, संजय मीना और अभय भारत शामिल थे। बैठक में वाशिम के जिलाधिकारी योगेश कुंभेजकर, यवतमाल के जिलाधिकारी विकास मीना, अमरावती के जिलाधिकारी आशिष येरेकर, बुलढाणा के जिलाधिकारी प्रवीणकुमार देवरे, अकोला की जिलाधिकारी वर्षा मीना, वाशिम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्पित चौहान और कृषि सहसंचालक गणेश घोरपडे मौजूद रहे।
पंचनामे अधूरे, किसानों की चिंता
एनडीटीवी मराठी के मुताबिक केंद्रीय दल का निरीक्षण पूरा हो गया, लेकिन फसल नुकसान के पंचनामे अब भी अधूरे हैं, जिसको लेकर किसानों ने शिकायत की है। दल ने वाशिम तालुका के सुपखेला में दयाराम विठ्ठल राऊत के खेत, मंगरुळपीर तालुका के स्वासिन लघु पाटबंधारे प्रकल्प और कोठारी में दिलीप दुबळगुंड के खेत का निरीक्षण किया। इसके बाद मानोरा तालुका के कुपटा में मोहम्मद सादिक मोहम्मद शफी तथा कारंजा तालुका के काळीकारंजा में त्र्यंबक फकिरा गुल्हाने और पानविहीर में रमेश भाऊराव थेर के खेतों में फसल नुकसान देखा और किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।
दौरे के बाद केंद्रीय दल यवतमाल जिले की ओर रवाना हुआ। दल फसल नुकसान, पानी की उपलब्धता, टैंकरों की संभावित जरूरत, खेत मजदूरों के प्रश्न और मजदूरों के पलायन की संभावना का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगा।
मुख्य बातें
- वाशिम में 9 अक्टूबर को 11 सदस्यीय केंद्रीय दल का दौरा।
- सुपखेला, स्वासिन, कोठारी, कुपटा, काळीकारंजा, पानविहीर में खेतों का निरीक्षण।
- पंचनामे अधूरे — किसानों ने की शिकायत।
- रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी।
- दौरे के बाद दल यवतमाल रवाना।
Comments
Post a Comment