अमेरिका ने बड़ी भारतीय IT कंपनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी श्रम सचिव कीथ सॉन्डरलिंग ने गुरुवार (8 अक्टूबर) को ऐलान किया कि Cognizant, Infosys, Tata (TCS), Wipro, HCL और Capgemini को पर्मानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) प्रोग्राम से निलंबित कर दिया गया है — अब इन कंपनियों के नए PERM आवेदन नहीं लिए या प्रोसेस नहीं होंगे। Microsoft और Adobe भी निलंबित हैं, जिन पर कई सक्रिय संघीय जांचें चल रही हैं।
ऐलान के बाद अमेरिकी बाज़ार में Infosys का ADR करीब 3.13% गिरकर 10.14 डॉलर और Wipro का ADR करीब 2.5% गिरकर 1.63 डॉलर पर आ गया; Cognizant के शेयर करीब 3.08% गिरकर 54.70 डॉलर पर बंद हुए। बाद में Wipro का ADR संभलकर अपरिवर्तित स्तर पर और Infosys का ADR 1.1% ऊपर बंद हुआ।
यह ऐलान अमेरिकी एंटी-फ्रॉड टास्क फोर्स के तहत उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, श्रम सचिव कीथ सॉन्डरलिंग और अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने किया। निलंबन सिर्फ नए PERM प्रोसेसिंग पर है — मौजूदा मंजूरियां रद्द नहीं हुई हैं, और H-1B वीज़ा प्रोग्राम पर सीधा प्रतिबंध नहीं है (PERM, H-1B से अलग ग्रीन-कार्ड स्पॉन्सरशिप रूट है)।
नैसकॉम की प्रतिक्रिया में कहा गया कि भारतीय IT कंपनियों ने H-1B पर निर्भरता काफी घटाई है और अमेरिका में स्थानीय भर्ती बढ़ाई है; PERM के जरिए स्थायी निवास लेने वाले कर्मचारियों की संख्या सीमित है।
मुख्य बातें
- 8 अक्टूबर: श्रम सचिव का ऐलान
- 6 IT कंपनियां + Microsoft, Adobe निलंबित
- नए PERM आवेदन नहीं प्रोसेस होंगे
- Infosys ADR 3.13% गिरा, फिर संभला
- H-1B पर सीधा प्रतिबंध नहीं
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