पुणे के एसएम जोशी ब्रिज पर चल रहा MPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन रविवार (11 अक्टूबर) की देर रात खत्म हो गया। सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी ज्यादातर मांगें माने जाने पर आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया। यह 7 और 8 अक्टूबर के आंदोलन-कवरेज का निर्णायक घटनाक्रम है।
मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले के नेतृत्व वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने अभ्यर्थियों से मुलाकात की। पेपर लीक और अनियमितताओं की जांच के लिए 60 दिनों की समयसीमा वाली जांच समिति गठित की गई है — इसके अध्यक्ष बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति दिलीप भोसले होंगे, जबकि IAS तुकाराम मुंढे समिति के सचिव नियुक्त किए गए हैं।
अध्यक्ष विवेक भीमानवार जांच पूरी होने तक छुट्टी पर
MPSC अध्यक्ष विवेक भीमानवार ने जांच पूरी होने तक छुट्टी पर जाने की घोषणा की है। अभ्यर्थियों की मांगों में समयबद्ध जांच, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लेना और ग्रुप-C की और रिक्तियां (3 जनवरी 2027 की परीक्षा) शामिल थीं। NCP-SP विधायक रोहित पवार अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे, जबकि विवेकानंद पाटिल ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया।
मुख्य बातें
- 11 अक्टूबर की देर रात पुणे के एसएम जोशी ब्रिज पर MPSC आंदोलन खत्म
- पेपर लीक जांच के लिए 60 दिन की समिति; अध्यक्ष न्यायमूर्ति दिलीप भोसले, सचिव तुकाराम मुंढे
- MPSC अध्यक्ष विवेक भीमानवार जांच पूरी होने तक छुट्टी पर
- मांगें: समयबद्ध जांच, प्रदर्शनकारियों पर केस वापसी, ग्रुप-C की और रिक्तियां
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