नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चली आ रही trade deal बातचीत एक अहम मोड़ पर पहुंच गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार (5 अक्टूबर) को Munich Leaders Meeting में साफ कहा कि बातचीत "plateau" पर पहुंच गई है, जिसके बाद दोनों तरफ के लिए "give or take" करना "बहुत, बहुत मुश्किल" होगा।
सीतारमण ने कहा कि यह समझौता "बहुत कठिन और कड़ाई से बातचीत किया गया" समझौता है और बातचीत अभी जारी है — "हो सकता है कि अगर कहीं गुंजाइश हो तो दोनों पक्ष कुछ कर सकें।" उन्होंने यह भी कहा कि व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है, और अमेरिका स्वाभाविक रूप से इस असंतुलन को कम करना चाहता है। इससे कुछ दिन पहले US Trade Representative Jamieson Greer ने भी कहा था कि समझौता अंतिम चरण में है, लेकिन "निकट भविष्य में नहीं" है।
सबसे बड़ी अड़चन अमेरिका का नया कानून है — Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026, जो President Trump को रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीददारों में से एक है, और नई दिल्ली ने चेतावनी दी है कि ऐसे कदम द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं और global energy markets को अस्थिर कर सकते हैं।
गौरतलब है कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल 29 सितंबर से अमेरिका में हैं, जहां उन्होंने USTR Greer से मुलाकात कर "पारस्परिक लाभ वाले अंतरिम समझौते के जल्द निष्कर्ष" पर चर्चा की थी। दोनो देश इस साल की शुरुआत में interim deal पर सहमत हुए थे, लेकिन व्यापक समझौते पर बातचीत तभी से अटकी हुई है।
मुख्य बातें
- सीतारमण: ट्रेड बातचीत 'plateau' पर — आगे give-and-take बहुत मुश्किल
- USTR Greer: समझौता अंतिम चरण में, लेकिन 'निकट भविष्य में नहीं'
- रूसी तेल पर 100% टैरिफ वाला US कानून सबसे बड़ी अड़चन
- पीयूष गोयल ने 29 सितंबर से अमेरिका में Greer से मुलाकात की; अंतरिम समझौते पर चर्चा
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