मुंबई में बिजली चोरी के खिलाफ BEST ने बड़ा क्रैकडाउन शुरू किया है। आंकड़ों के मुताबिक BEST ने 1993 के बाद से 33 साल में बिजली चोरी के 30,932 मामले पकड़े हैं — इनमें कुल 261.72 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन हुआ, जिनमें से 220.05 करोड़ रुपये (84.08%) वसूल किए जा चुके हैं।
करीब आधे मामले — 15,061 केस — सिर्फ एफ नॉर्थ और जी नॉर्थ वॉर्ड से सामने आए हैं, यानी माटुंगा, सायन, वडाला, दादर, माहिम और धारावी के इलाकों में बिजली चोरी सबसे ज्यादा है। BEST ने आइलैंड सिटी में जगह-जगह टीमें बनाई हैं और क्रैकडाउन की शुरुआत सायन, माटुंगा, वडाला, दादर व धारावी से होगी।
वॉर्ड-वार हिसाब: कहां सबसे ज्यादा नुकसान
जीएन वॉर्ड में सबसे ज्यादा 65.29 करोड़ रुपये का आकलन हुआ, जिसमें से 53.33 करोड़ रुपये (81.68%) वसूल किए गए। सी वॉर्ड में वसूली दर सबसे ज्यादा 98.9% रही, जबकि ई वॉर्ड में सबसे कम 69.58%। BEST कफ परेड से सायन-माहिम तक के आइलैंड सिटी इलाके में बिजली आपूर्ति करती है।
नियमों के मुताबिक दोबारा कनेक्शन तभी मिलेगा जब पूरा बकाया, कम्पाउंडिंग चार्ज और वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होंगी। BEST का कहना है कि यह अभियान पुराने मामलों, नए मामलों और बिना चुकाए बिलों — तीनों पर एक साथ चलेगा।
मुख्य बातें
- Mumbai City: 1993 से 33 साल में बिजली चोरी के 30,932 केस पकड़े; 261.72 करोड़ का आकलित नुकसान, 220.05 करोड़ (84.08%) वसूल
- करीब आधे मामले सिर्फ एफ नॉर्थ और जी नॉर्थ वॉर्ड से; माटुंगा-सायन-वडाला-दादर-माहिम-धारावी में सबसे ज्यादा चोरी
- जीएन वॉर्ड में 65.29 करोड़ का सबसे बड़ा आकलन (53.33 करोड़ वसूल); सी वॉर्ड में वसूली दर सबसे ज्यादा 98.9%, ई वॉर्ड में सबसे कम 69.58%
- सायन, माटुंगा, वडाला, दादर, धारावी से क्रैकडाउन की शुरुआत; दोबारा कनेक्शन सिर्फ पूरा बकाया और कम्पाउंडिंग चार्ज पर
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