नेपाल की बारिश से गंडक में रिकॉर्ड बाढ़, बगहा में तटबंध टूटे
पटना | 30 सितंबर — नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के बाद गंडक नदी में आई रिकॉर्ड बाढ़ ने बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। बिहार के जल संसाधन विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह 6 बजे वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर 5,43,500 क्यूसेक का भारी प्रवाह दर्ज हुआ। नदी 13 घंटे तक 5 लाख क्यूसेक से अधिक और 32 घंटे तक 4 लाख क्यूसेक से अधिक प्रवाह पर रही।
बगहा गेज स्थल पर नदी ने 91.25 मीटर का नया उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) दर्ज किया, जो 2024 के 90.90 मीटर के पिछले रिकॉर्ड से 0.35 मीटर अधिक है। हालांकि बैराज से अधिकतम प्रवाह 2024 के 5,62,500 क्यूसेक के रिकॉर्ड से थोड़ा कम रहा, लेकिन विशाल जलराशि ने तटबंधों पर भारी दबाव डाला — 169 रिसाव और पाइपिंग बिंदुओं की आपातकालीन मरम्मत की गई, लेकिन 28-29 सितंबर की आधी रात को तीन जगह तटबंध टूट गए।
पश्चिम चंपारण के बगहा-1 प्रखंड के खैरटवा गांव में लगभग 10 मीटर लंबी टूटन हुई, जबकि बैरिया प्रखंड के फुलियाखाद गांव में दूसरा कटाव हुआ। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में नदी के दाहिने किनारे भी तटबंध टूटा। बाढ़ का पानी पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में फैल गया।
मंगलवार सुबह 8 बजे तक वाल्मीकिनगर में प्रवाह घटकर 1,91,200 क्यूसेक रह गया, जिससे राहत की उम्मीद जगी। उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि अधिकारी चौबीसों घंटे सतर्क हैं और तटबंधों के किनारे अतिरिक्त अभियंता तैनात किए गए हैं।
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