
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस और जोखिम उठाने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के सम्मान के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 6 अक्टूबर को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 'मुख्यमंत्री बहादुरी मेडल' शुरू करने की पहल को मंजूरी दे दी गई। भाषा की रिपोर्ट में इस पुरस्कार को 'मुख्यमंत्री वीरता पदक' भी कहा गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के बयान के मुताबिक, पुरस्कार के तहत चयनित पुलिसकर्मियों को 50 हजार रुपये की नकद राशि, एक मेडल और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। विजेताओं के चयन के लिए तीन स्तर की समिति बनाई जाएगी। पुलिसकर्मियों के 1 जनवरी से शुरू होने वाले सालभर के प्रदर्शन को इसके लिए ध्यान में रखा जाएगा।
पुरस्कारों की घोषणा हर साल महाराष्ट्र दिवस यानी 1 मई की पूर्व संध्या पर की जाएगी और स्वयं मुख्यमंत्री ये पुरस्कार प्रदान करेंगे। इसी कैबिनेट बैठक में एक अन्य फैसले में वडार समुदाय के लिए सालाना खुदाई की सीमा 200 ब्रास से बढ़ाकर 500 ब्रास कर दी गई, जिससे लघु खनिजों पर देय रॉयल्टी में उन्हें राहत मिलेगी।
मुख्य बातें
- कैबिनेट ने 6 अक्टूबर को दी मंजूरी
- ड्यूटी में साहस और जोखिम वालों को सम्मान
- 50 हजार नकद, मेडल, प्रशस्ति पत्र
- तीन स्तर की समिति करेगी चयन
- महाराष्ट्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषणा
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