चोकसी ने लंदन में 'अपहरण' का केस वापस लिया, अदालत ने 6.77 लाख पाउंड लागत चुकाने का आदेश दिया
लंदन | 30 सितंबर — भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी ने लंदन हाई कोर्ट में भारत सरकार और अन्य के खिलाफ अपना बहु-मिलियन पाउंड का हर्जाना दावा वापस ले लिया है। चोकसी ने 2021 में एंटीगुआ से उसके कथित अपहरण की साजिश का आरोप लगाया था। अदालत ने उसे चार पुरुष प्रतिवादियों की कानूनी लागत के लिए 6,77,000 पाउंड की सुरक्षा राशि जमा करने का आदेश दिया था।
अदालत ने गुर्दिप बाथ और लेस्ली फैरो-गाय के लिए 4,25,000 पाउंड और गुरमीत सिंह व गुरजीत सिंह भंडाल के लिए 2,52,000 पाउंड की सुरक्षा राशि तय की थी। चोकसी समय सीमा तक राशि जमा नहीं कर सका, जिसके बाद चारों के खिलाफ दावा खारिज हो गया और फिर उसने भारत सरकार और बारबरा जराबिक के खिलाफ कार्यवाही भी बंद कर दी।
न्यायाधीश ने नोट किया कि चोकसी के अधिकांश साक्ष्य सुनी-सुनाई बातों पर आधारित थे और उसके अपने बयान के अलावा कथित अपहरण व मारपीट का कोई स्वतंत्र गवाह साक्ष्य नहीं था। 67 वर्षीय चोकसी फिलहाल बेल्जियम के एंटवर्प में हिरासत में है और भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील लड़ रहा है।
इसी कड़ी में सीबीआई ने निरव मोदी से जुड़े पीएनबी घोटाले के आरोपी संदीप मिस्त्री को यूएई से डिपोर्ट कराकर भारत लाया। मिस्त्री को 28 सितंबर की देर रात मुंबई लाया गया और विशेष सीबीआई अदालत ने उसे 6 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा। उस पर इंटरपोल का रेड नोटिस जुलाई 2026 में जारी हुआ था।
Comments
Post a Comment