गुरुवार (8 अक्टूबर) को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड दिन के कारोबार में 5% से ज्यादा चढ़कर 105 से 105.50 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया (बंद भाव करीब 104.28 डॉलर, 4.1% की बढ़त)। अमेरिकी WTI भी करीब 5% बढ़कर 92.48-92.79 डॉलर पर रहा।
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर रिकॉर्ड हमले हैं। ऊर्जा डेटा फर्म Kpler के मुताबिक 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच 10 टैंकरों को निशाना बनाया गया, जबकि इससे पहले का साप्ताहिक रिकॉर्ड 6 था। मंगलवार को जलडमरूमध्य से सिर्फ 7 टैंकर गुजरे — 23 जुलाई के बाद सबसे कम।
ताजा घटना में कतर तट के पास एक टैंकर पर "कई प्रोजेक्टाइल" दागे गए, जिसमें हताहतों की खबर है (UKMTO)। उधर अटलांटिक में इस सीजन का पहला नामित तूफान ‘इसाइस’ (75 मील प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाएं) शनिवार को न्यू ऑरलियन्स के पूर्व में टकराने की आशंका है — शेल, BP, शेवरॉन और हार्बर ने उत्पादन घटा दिया है, करीब 25% तेल और 16% गैस उत्पादन ठप है।
ट्रंप के "3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं" वाले बयान से बढ़त कुछ घटी। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासर के मुताबिक वैश्विक भंडार घटकर 6 अरब बैरल रह गया है (युद्ध की शुरुआत में 10 अरब था), जबकि अमेरिका का रणनीतिक भंडार 28.3 करोड़ बैरल के साथ 1982 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।
मुख्य बातें
- ब्रेंट 5% से ज्यादा चढ़कर 105-105.50 डॉलर
- एक हफ्ते में होर्मुज में 10 टैंकरों पर हमले
- मंगलवार को सिर्फ 7 टैंकरों का आवागमन
- तूफान इसाइस: 25% तेल उत्पादन ठप
- अमेरिकी रणनीतिक भंडार 1982 के बाद सबसे कम
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