चंद्रपुर: जिले की चिमूर तहसील के जांभुलघाट स्थित सरकारी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक निवासी आश्रमशाला में छात्रों के बाल काटने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि शनिवार (3 अक्टूबर) को करीब 80 से 100 बच्चों के सिर के आधे बाल ट्रिमर से काटकर छोड़ दिए गए। आधे मुंडे सिर वाले छात्रों की तस्वीरें वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है।
आश्रमशाला में पहली से 11वीं कक्षा तक करीब 572 विद्यार्थी निवासी रहकर पढ़ाई करते हैं। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक शनिवार दोपहर करीब 3 बजे कटिंग शुरू हुई थी — बच्चों में डैंड्रफ और खुजली की समस्या को देखते हुए बाल काटने का फैसला लिया गया था। आरोप है कि शुरुआत में कुछ छात्रों के बाल का आधा हिस्सा ही काटा गया, तभी ट्रिमर की चार्जिंग खत्म हो गई और बाकी कटिंग बाद में करने की बात कहकर बच्चों को छोड़ दिया गया।
तस्वीरें सामने आने के बाद आश्रमशाला प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधीक्षक प्रशांत मेश्राम के मुताबिक, उन्हें ऑफिस से फोन आया और बच्चों के बाल तुरंत लेवल करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद रात करीब 11 बजे छात्रों के बाल दोबारा काटने का काम शुरू किया गया, जो सुबह करीब 4 बजे तक चलता रहा। आरोप है कि कटिंग के दौरान कई बच्चे सोने की तैयारी कर रहे थे और कुछ सो भी चुके थे — रात के समय बच्चों के बाल काटने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।
अधीक्षक का कहना है कि आश्रमशाला में छात्रों की कटिंग हर दो महीने में कराई जाती है और बारिश के दिनों में इस पर ध्यान नहीं दिया गया था। हालांकि अभिभावकों ने आदिवासी विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से आश्रमशाला का दौरा कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटना से पहले भी इसी आश्रमशाला में छात्रों को बासी भोजन दिए जाने का मामला सामने आ चुका है।
जांभुलघाट आश्रमशाला में क्या हुआ
- चंद्रपुर के जांभुलघाट (चिमूर) की आश्रमशाला में 80-100 छात्रों के सिर आधे मुंडवाए गए; ट्रिमर की बैटरी खत्म होने की बात कही गई
- तस्वीरें वायरल होते ही हड़कंप — ऑफिस के निर्देश पर रात 11 से सुबह 4 बजे तक दोबारा काटे गए बाल; कई बच्चे सो रहे थे
- स्कूल प्रबंधन: डैंड्रफ-खुजली की वजह से हर 2 महीने में कटिंग, बारिश में छूट गई थी; अभिभावक: निष्पक्ष जांच हो
- पहले भी बासी भोजन परोसने का मामला सामने आया था; अनुशासन के नाम पर बाल काटने के फैसले पर भी सवाल
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