गोंदिया: वन्यजीव तस्करी के खिलाफ राजस्व गुप्तवार्ता निदेशालय (DRI) नागपुर की टीम ने 29 सितंबर 2026 को देवरी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। देवरी-पुराडा मार्ग पर मोहनटोला के पास जाल बिछाकर टीम ने तेंदुए की खाल के साथ दो संदिग्धों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनराज रामलाल उईके (35), निवासी ढिवरीनटोला, तहसील देवरी — जो ढिवरीनटोला के पूर्व उपसरपंच हैं, और नीलकंठ रामचंद्र पांढरे (37), निवासी श्रीरामनगर, तहसील सडक अर्जुनी के रूप में हुई। उनके कब्जे से सफेद कपड़े में लपेटी तेंदुए की खाल जब्त की गई।
DRI की टीम ने पंचनामा पूरा कर जब्त खाल सहित दोनों आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए देवरी वन विभाग के हवाले कर दिया। तेंदुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीव है — उसकी खाल रखना, खरीदना-बेचना या अवैध व्यापार करना गंभीर अपराध है।
अब वन विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि बरामद खाल कहां से लाई गई, इसे किसे बेचा जाना था और इस तस्करी के पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क तो नहीं है। कार्रवाई नागपुर की टीम ने की, इसलिए स्थानीय वन विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
मुख्य बातें
- 29 सितंबर: DRI नागपुर ने देवरी-पुराडा मार्ग पर मोहनटोला के पास जाल बिछाकर दबिश दी
- धनराज रामलाल उईके (35), पूर्व उपसरपंच ढिवरीनटोला; नीलकंठ रामचंद्र पांढरे (37), श्रीरामनगर सडक अर्जुनी — गिरफ्तार
- सफेद कपड़े में लपेटी तेंदुए की खाल जब्त; आरोपी व खाल देवरी वन विभाग के हवाले
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत मामला; तस्करी नेटवर्क की जांच जारी
स्रोत: बोल बिंदु न्यूज़
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