मुंबई: भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। रुपया 95.80–96 के दायरे में रहा — कारोबार के दौरान 96 का स्तर भी छू गया। कच्चे तेल के बढ़ते दाम और लगातार विदेशी पूंजी निकासी ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने 5 महीने की खरीदारी का सिलसिला तोड़ते हुए सितंबर में ₹9,192 करोड़ के फुली एक्सेसिबल रूट (FAR) बॉन्ड बेच दिए। मार्च के बाद यह पहली मासिक बिकवाली है। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल के ऊंचे दामों से भारतीय सरकारी प्रतिभूतियों की मांग घटी है।
शेयर बाजार से भी विदेशी निवेशकों ने 19 सितंबर तक ₹23,676 करोड़ निकाले। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दरें 3.75–4.00 प्रतिशत और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार रहने से उभरते बाजारों पर दबाव है। RBI के डॉलर हस्तक्षेप के बाद देश का विदेशी मुद्रा भंडार 765.9 अरब डॉलर रह गया।
मुख्य बातें
- डॉलर के मुकाबले रुपया 95.80–96 के दायरे में — रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब कारोबार, एक समय 96 का स्तर भी छुआ
- सितंबर में FPI ने ₹9,192 करोड़ के FAR बॉन्ड बेचे — मार्च के बाद पहली मासिक बिकवाली, 5 महीने की खरीदारी का सिलसिला टूटा
- शेयरों से भी 19 सितंबर तक ₹23,676 करोड़ की निकासी — ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के पार, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का दबाव
- RBI के डॉलर हस्तक्षेप के बाद विदेशी मुद्रा भंडार 765.9 अरब डॉलर — एक हफ्ते में 14.88 अरब डॉलर की गिरावट
स्रोत: बोल बिंदु न्यूज़
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