यवतमाळ: यवतमाळ जिले के दारव्हा तालुके के मानखिन्ही गांव में राज्य के मत्स्य-व्यवसाय एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे के काफिले पर शिवसैनिकों ने मुर्गियां फेंककर जोरदार प्रदर्शन किया। मंत्री यवतमाळ में सूखा निरीक्षण दौरे पर आए थे, तभी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कार्यकर्ताओं ने काफिला रोककर विरोध जताया।
प्रदर्शन का नेतृत्व दारव्हा के तालुकाप्रमुख रवि तरटे कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने 'व्होट चोर, कोंबडी चोर' यानी 'वोट चोर, मुर्गी चोर' के नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मंत्री सूखे के नाम पर महज दिखावा कर रहे हैं — जब मानखिन्ही का तालाब सूखा पड़ा है, तो वहां के दौरे से मछुआरों को क्या लाभ होगा?
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दौरे की औपचारिकता की जगह सूखाग्रस्त मछुआरों और मत्स्यपालकों के लिए ठोस आर्थिक मदद दी जाए और पंचनामा कराया जाए। उनका कहना था कि सूखे से तालाब सूख गए हैं और मत्स्यपालन बर्बाद हो रहा है, ऐसे में प्रशासन को तुरंत राहत देनी चाहिए।
यवतमाळ जिले में सूखे की स्थिति को लेकर मछुआरों और किसानों में पहले से ही असंतोष है। इस घटना के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में मंत्री के दौरे को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
दारव्हा के मानखिन्ही गांव में सूखा निरीक्षण दौरे के दौरान प्रदर्शन; रवि तरटे के नेतृत्व में हुआ हंगामा
- यवतमाळ के दारव्हा तालुके के मानखिन्ही गांव में मंत्री नितेश राणे के काफिले पर प्रदर्शन
- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के कार्यकर्ताओं ने काफिले पर फेंकीं मुर्गियां; नेतृत्व रवि तरटे ने किया
- 'वोट चोर, मुर्गी चोर' के नारे लगाए; मंत्री सूखा निरीक्षण दौरे पर यवतमाळ आए थे
- प्रदर्शनकारियों की मांग — सूखाग्रस्त मछुआरों को ठोस आर्थिक मदद और पंचनामा, सिर्फ दिखावा नहीं
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