आळंदी (पुणे): रायगढ़ जिले के दिवेआगर में आठ छात्रों की डूबने से मौत के एक दिन बाद आळंदी नगर परिषद ने शुक्रवार (2 अक्टूबर) को Winners Academy का परिसर सील कर दिया। निरीक्षण में खुलासा हुआ कि यह कोचिंग संस्थान बिना बिजनेस लाइसेंस और NOC के चल रहा था।
नगर परिषद प्रमुख माधव खांडेकर के आदेश पर कर विभाग प्रमुख सीमा चरवे के नेतृत्व वाली टीम ने सीलिंग की कार्रवाई की। निकाय के अनुसार academy करीब 2 साल से बिना म्युनिसिपल पंजीकरण के संचालित हो रही थी — अब सवाल उठ रहा है कि इतने समय तक इसकी जांच क्यों नहीं हुई। यह academy NEET/JEE की कोचिंग देती थी और इसमें 40-50 छात्र पढ़ते थे।
दिवेआगर की सैर पर कुल 42 छात्र (25 लड़के, 17 लड़कियां) गए थे, जिनमें से 8 की मौत हो गई। बचे 34 छात्र शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे बस से आळंदी पुलिस स्टेशन पहुंचे और माता-पिता को सौंप दिए गए। घटना के विरोध में आळंदी में बंद मनाया गया।
नगर परिषद अब 2 दिनों में अभिभावकों से चर्चा कर छात्रों को अन्य अधिकृत कोचिंग संस्थानों में शिफ्ट करने और फीस वापसी पर फैसला लेगी। शिक्षकों और छात्रों से पूछताछ भी होगी। दिवेआगर पुलिस स्टेशन में ADR (आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट) दर्ज की गई है।
मुख्य बातें
- आळंदी नगर परिषद ने 2 अक्टूबर को Winners Academy का परिसर सील किया
- खुलासा: academy करीब 2 साल से बिना बिजनेस लाइसेंस/NOC चल रही थी
- दिवेआगर पिकनिक में 8 छात्रों की डूबने से मौत — 42 में से 34 सुरक्षित लौटे
- छात्रों को अधिकृत कोचिंग में शिफ्ट करने और फीस वापसी पर 2 दिन में फैसला
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