UNGA में जयशंकर ने पाकिस्तान को चेताया: आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का अधिकार लागू होगा
न्यूयॉर्क | 27 सितंबर — संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य देते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आतंकवाद पर भारत का कड़ा रुख दोहराया। उन्होंने कहा, "आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा का हमारा अधिकार लागू किया जाएगा। मित्रता और सद्भावना आतंकवाद के साथ नहीं चल सकती।"
पाकिस्तान का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि एक "सीरियल प्रैक्टिशनर ऑफ टेररिज्म" ने महासभा के समक्ष तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया और आतंकवाद को सामान्य बनाने और इसके परिणामों से प्रतिरक्षा का दावा करने की कोशिश की — "यह नहीं चलेगा।"
जयशंकर ने कहा कि राज्य-प्रायोजित और सीमा-पार आतंकवाद वैश्विक व्यवस्था के लिए सीधा खतरा है और सरकारों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के वित्तपोषण नेटवर्क को उजागर करने और उसका मुकाबला करने का भी आह्वान किया।
उनका भाषण पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संबोधन के एक दिन बाद आया, जिसमें शरीफ ने कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया था और 2025 के भारत-पाक संघर्ष में ट्रंप के "समय पर हस्तक्षेप" का श्रेय दिया था। भारत ने कहा है कि युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधे संवाद से हुआ था।
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