संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (UNCTAD) की "ट्रेड एंड डेवलपमेंट रिपोर्ट 2026" शुक्रवार (9 अक्टूबर) को जिनेवा में जारी हुई। रिपोर्ट के अनुसार 2026 में वैश्विक आर्थिक विकास दर घटकर 2.6 प्रतिशत रह जाएगी (2025 में 2.9 प्रतिशत) — मुख्य कारण मध्य-पूर्व संकट से पैदा हुआ ऊर्जा झटका है।
रिपोर्ट में भारत सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था रहेगा — 2026 (वित्त वर्ष 27) में 7.3 प्रतिशत और 2027 (वित्त वर्ष 28) में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। तुलना में चीन 4.5 प्रतिशत और इंडोनेशिया 5.2 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ेंगे; एशिया वैश्विक विकास में 59 प्रतिशत का योगदान देगा। भारत में 2026 में घरेलू मांग 6.9 प्रतिशत रहेगी और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर मॉडल 23 देशों के साथ साझा किया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में वैश्विक वस्तु-सेवा व्यापार के रिकॉर्ड 35 ट्रिलियन डॉलर के बाद 2026 में (स्थिर कीमतों पर) 4 प्रतिशत की वृद्धि होगी — लेकिन यह वृद्धि ऊर्जा कीमतों से संचालित होगी। चीन-अमेरिका व्यापार 2024 से 20 प्रतिशत से ज्यादा घटा है; आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सेमीकंडक्टर) व्यापार का मुख्य चालक बना है, हालांकि वित्तीय स्थिरता के जोखिम की चेतावनी भी दी गई है।
मुख्य बातें
- UNCTAD रिपोर्ट 9 अक्टूबर को जिनेवा में जारी
- 2025 में 2.9% थी वैश्विक वृद्धि
- भारत FY27 में 7.3%, FY28 में 6.8%
- एशिया का वैश्विक विकास में 59% योगदान
- चीन-अमेरिका व्यापार 20% से ज्यादा घटा
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