सिंधुदुर्ग: अक्टूबर की तेज गर्मी से सिंधुदुर्ग जिले के स्कूली बच्चों की सेहत पर खतरा मंडराने लगा है। पूर्व विधायक वैभव नाईक ने राज्य के शालेय शिक्षण मंत्री दादा भुसे को पत्र लिखकर जिले की सभी शालाओं का समय दोपहर के सत्र की जगह सुबह के सत्र में करने की मांग की है। नाईक का कहना है कि कड़ी धूप में बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है और इसका उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
मानसून के परती के प्रवास के साथ ही महाराष्ट्र में अक्टूबर हीट का तड़का बढ़ गया है। सिंधुदुर्ग जिले में बारिश पूरी तरह थम चुकी है और तापमान दिन-ब-दिन ऊपर चढ़ रहा है। पूरा सिंधुदुर्ग जिला सूखे की सूची में शामिल हो चुका है। ऐसे में दोपहर के सत्र में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को कड़कती धूप में घर से निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उन्हें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हो रही हैं।
वैभव नाईक ने अपने पत्र में लिखा है कि छात्रों और अभिभावकों को तेज गर्मी से राहत देने के लिए जिले की सभी शालाएं तुरंत सुबह के सत्र में शुरू की जाएं। उन्होंने शिक्षा मंत्री दादा भुसे से इस मामले में तत्काल दखल देने की अपील की है, ताकि बच्चों को दोपहर की कड़ी धूप का सामना न करना पड़े।
गौरतलब है कि अक्टूबर की शुरुआत में कोकण क्षेत्र में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था और मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी मानना है कि बच्चों को तेज धूप में ज्यादा देर रखने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अब सभी की नजरें शिक्षा विभाग के फैसले पर टिकी हैं।
सिंधुदुर्ग में अक्टूबर हीट का प्रकोप — पूरा जिला सूखा सूची में, स्कूल सुबह के सत्र में करने की मांग
- सिंधुदुर्ग में बारिश थमी, तापमान दिन-ब-दिन बढ़ रहा; पूरा जिला सूखे की सूची में शामिल
- पूर्व विधायक वैभव नाईक ने शालेय शिक्षण मंत्री दादा भुसे को पत्र लिखकर स्कूल सुबह के सत्र में करने की मांग की
- दलील: दोपहर की कड़ी धूप में बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी, सेहत पर बुरा असर
- मौसम विभाग ने कोकण के लिए येलो अलर्ट जारी किया; विशेषज्ञों ने हीट स्ट्रोक की चेतावनी दी
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