सातारा जिले में बढ़ते जलसंकट के बीच जिला प्रशासन ने पेयजल की बर्बादी रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं — जिलाधिकारी संतोष पाटील ने टंकी या बोरवेल के पानी से वाहन धोने, सड़कों पर पानी छिड़कने और आंगन धोने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। नियम तोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कम बारिश और गंभीर एल-निनो के असर से सातारा जिले के परंपरागत रूप से पानी से समृद्ध इलाके भी संकट में आ गए हैं — महाबळेश्वर समेत कई तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि मौजूदा हालात में पानी की हर बूंद बचाना हर निवासी का प्रमुख कर्तव्य है।
हर बूंद बचाना जरूरी: क्या-क्या बंद, क्या मिला निर्देश
आदेश के मुताबिक, शहरी और ग्रामीण — दोनों जगह के निवासियों को पानी की गंभीरता समझकर प्रशासन का सहयोग करना होगा। वाहन गीले कपड़े से साफ करने के निर्देश दिए गए हैं; व्यापारिक और निजी स्विमिंग पूल बंद रखने होंगे, जबकि पेयजल का नए निर्माण कार्यों में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।
घरों और हाउसिंग सोसायटियों में नल या टंकी में लीकेज पाए जाने पर उसे तुरंत ठीक कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने अनधिकृत बोरवेल खोदने पर भी कार्रवाई की बात कही है — सातारा में जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासनिक सख्ती को जिले में व्यापक समर्थन मिलने की चर्चा है।
मुख्य बातें
- सातारा: जिलाधिकारी संतोष पाटील का आदेश — टंकी/बोरवेल के पानी से वाहन धोने, सड़क छिड़कने, आंगन धोने पर पूरी रोक, नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई
- कम बारिश और एल-निनो के असर से महाबळेश्वर समेत कई तालुके सूखा प्रभावित; वाहन गीले कपड़े से साफ करने, स्विमिंग पूल बंद रखने के निर्देश
- पेयजल का नए निर्माण में इस्तेमाल प्रतिबंधित; घरों-सोसायटियों में नल/टंकी के लीकेज तुरंत ठीक कराने के निर्देश, अनधिकृत बोरवेल पर कार्रवाई
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