सांगली जिले की मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में भाजपा विधायक गोपीचंद पडळकर को बड़ा झटका लगा है — मुंबई उच्च न्यायालय की कोल्हापुर खंडपीठ ने जत सोसायटी समूह से दाखिल किया गया उनका उमेदवारी अर्ज अवैध ठहरा दिया है। इस फैसले के बाद पडळकर अब जिला बैंक का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे और चुनावी दौड़ से बाहर हो गए हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सांगली जिला बैंक चुनाव के निर्णय अधिकारी ने पडळकर का अर्ज छाननी के दौरान वैध ठहराया था। इसके विरोध में कांग्रेस के पूर्व विधायक विक्रमसिंह सावंत और बाजार समिति के पूर्व सभापति सुजय शिंदे ने कोल्हापुर खंडपीठ में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने अर्ज को अवैध घोषित कर दिया — याचिकाकर्ताओं ने अर्ज में सदस्यता, संचालक पद, जमीन खरीद की तारीख और संस्था के कार्यक्षेत्र को लेकर आक्षेप उठाए थे।
अर्ज अवैध: सदस्यता और कार्यक्षेत्र पर उठे आक्षेप
फैसले के बाद विक्रमसिंह सावंत और सुजय शिंदे ने न्यायालय का आभार माना और इस प्रकरण में दोषियों के खिलाफ फौजदारी मामले दर्ज करने की मांग की है। वहीं, भाजपा के लिए इसे सांगली जिला बैंक चुनाव में बड़ा नुकसान माना जा रहा है — पडळकर और सदाभाऊ खोत ने बड़े शक्ति प्रदर्शन के साथ अपने नामांकन दाखिल किए थे।
सांगली जिले के सहकारी और राजनीतिक हलकों में इस फैसले से बड़ी हलचल मची हुई है। पडळकर का अर्ज बाद होने से जिला बैंक चुनाव की राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ने की चर्चा तेज है — यह चुनाव लंबे समय से जयंत पाटील के वर्चस्व वाले जिले में प्रतिष्ठा का प्रश्न बना हुआ था।
मुख्य बातें
- सांगली: जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक चुनाव में भाजपा विधायक गोपीचंद पडळकर का उमेदवारी अर्ज अवैध — हायकोर्ट की कोल्हापुर खंडपीठ का फैसला
- चुनाव निर्णय अधिकारी के अर्ज वैध ठहराने के फैसले को कांग्रेस के विक्रमसिंह सावंत और सुजय शिंदे ने याचिका में चुनौती दी थी; सदस्यता, जमीन खरीद और कार्यक्षेत्र पर आक्षेप
- फैसले के बाद याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय का आभार माना, दोषियों पर फौजदारी मामले की मांग — पडळकर अब चुनाव नहीं लड़ पाएंगे
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