Photo: Sailko / Wikimedia Commons (CC BY 3.0)
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने करीब साढ़े तीन साल बाद रेपो रेट बढ़ा दिया है। 7 अक्टूबर को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 5-7 अक्टूबर की तीन दिवसीय MPC बैठक के बाद ऐलान किया कि पॉलिसी रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की गई है — अब यह 5.50% हो गया है। फरवरी 2023 के बाद यह पहली बढ़ोतरी है।
MPC का फैसला सर्वसम्मत रहा। साथ ही मौद्रिक रुख 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया गया (4-2 बहुमत) — यानी आगे दरों में कटौती की गुंजाइश नहीं, सिर्फ बढ़ोतरी या ठहराव संभव है। SDF 5.25% और MSF व बैंक रेट 5.75% हो गए हैं।
बढ़ोतरी के पीछे पश्चिम एशिया में फिर भड़का संघर्ष, कच्चे तेल का करीब 100 डॉलर प्रति बैरल का भाव, कमजोर मानसून, अमेरिकी फेड की सितंबर में 25 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी जैसे कारण बताए गए। RBI ने FY27 की GDP वृद्धि का अनुमान 40 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 7.1% और CPI महंगाई का अनुमान 5.2% किया है।
बाजार पर असर भी दिखा — 7 अक्टूबर को सेंसेक्स 0.65% गिरकर 72,594.57 और निफ्टी 0.77% गिरकर 22,599.1 पर बंद हुआ। अगली MPC बैठक 2-4 दिसंबर को होगी; ICRA को दिसंबर में एक और 25 बेसिस पॉइंट बढ़ोतरी की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- 7 अक्टूबर: रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50%; MPC का सर्वसम्मत फैसला।
- फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी — करीब साढ़े तीन साल का अंतराल।
- रुख 'न्यूट्रल' से 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (4-2 बहुमत); आगे कटौती की गुंजाइश नहीं।
- FY27 GDP अनुमान बढ़कर 7.1%, CPI महंगाई अनुमान 5.2%।
- बाजार गिरा: सेंसेक्स -0.65%, निफ्टी -0.77%; दिसंबर में एक और बढ़ोतरी संभव (ICRA)।
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