
रुपये को संभालने के लिए RBI ने शनिवार (10 अक्टूबर) को बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने घोषणा की कि 12 अक्टूबर (सोमवार) से तीन सरकारी तेल कंपनियों — इंडियन ऑयल, HPCL और BPCL — की रोज़ की पूरी डॉलर ज़रूरतों के लिए विशेष विंडो खोली जाएगी। RBI नामित बैंकों के ज़रिए सीधे अपने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर बेचेगा, ताकि स्पॉट मार्केट पर दबाव घटे। यह सुविधा "अगले आदेश तक" चालू रहेगी।
पृष्ठभूमि: शुक्रवार को रुपया 96.73 प्रति डॉलर पर बंद हुआ — मई के रिकॉर्ड निम्नतम 96.96 के बेहद करीब। इस साल रुपये में 7 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। डेरिवेटिव नियम भी सख्त किए गए: फॉरेक्स डीलर रद्द डेरिवेटिव को दोबारा बुक नहीं कर सकेंगे; एक्सचेंज-ट्रेडेड करंसी डेरिवेटिव में रुपये की पोज़िशन सीमा 100 मिलियन डॉलर से घटाकर 5 मिलियन डॉलर कर दी गई।
बाज़ार की प्रतिक्रिया
ANZ के FX रणनीतिकार धीरज निम (मुंबई) के मुताबिक तेल कंपनियों की मांग हटने से अस्थिरता घटेगी, लेकिन यह भंडार में कमी के रूप में दिखेगी। घोषणा के बाद शनिवार को NDF मार्केट में रुपया करीब 40 पैसे मजबूत हुआ (पतली ट्रेडिंग में)।
मुख्य बातें
- 12 अक्टूबर से 3 तेल कंपनियों को डॉलर विंडो
- RBI भंडार से सीधे डॉलर बेचेगा
- रुपया 96.73, साल में 7% से ज्यादा गिरा
- डेरिवेटिव पोज़िशन सीमा 100M से 5M डॉलर
- NDF में रुपया 40 पैसे मजबूत
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