पुणे: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन 6 अक्टूबर को लगातार छठे दिन भी जारी रहा। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने देवेंद्र फडणवीस सरकार को 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है — मांगें मानो, वरना 1 लाख से ज्यादा छात्र पुणे की सड़कों पर उतर आएंगे।
रोहित पवार की सबसे बड़ी मांग है कि MPSC के चेयरमैन विवेक भीमन्वार को हालिया पेपर लीक और पारदर्शिता की कमी के कारण तुरंत पद से हटाया जाए। इसके अलावा आयोग की भर्ती प्रक्रियाओं की पूरी ऑडिट और सफाई की मांग भी रखी गई है। पवार ने कहा कि इस आंदोलन की जड़ में परीक्षा बोर्ड में फैला व्यवस्थित भ्रष्टाचार है, जो लाखों युवाओं के भविष्य को दांव पर लगा रहा है।
रोहित पवार ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया, तो प्रदर्शनकारी या तो पूरी तरह पुणे बंद करवाएंगे या फिर सीधे मुंबई में मंत्रालय तक बड़ा मार्च निकालेंगे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 7 या 8 अक्टूबर को प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मिलने की उम्मीद है — उस दिन पुणे की सड़कों पर छात्रों की भारी भीड़ शक्ति-प्रदर्शन करेगी।
पवार ने कहा कि सीजेपी के अभिजीत दिपके की अपील के बाद पुणे शहर ठप हो सकता है, लेकिन अंतिम फैसला अभ्यर्थी और उनके माता-पिता मिलकर लेंगे। विरोध प्रदर्शन के पहले दिन से ही रोहित पवार अभ्यर्थियों के साथ मौजूद हैं और अब यह आंदोलन राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का हिस्सा बनता जा रहा है।
छठे दिन भी जारी रहा छात्रों का आंदोलन; राहुल गांधी के पुणे आने की संभावना
- पुणे में MPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन 6 अक्टूबर को छठे दिन भी जारी; पेपर लीक और पारदर्शिता की कमी मुख्य मुद्दा
- रोहित पवार ने सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया — MPSC चेयरमैन विवेक भीमन्वार को तुरंत हटाने की मांग
- मांगें नहीं मानीं तो 1 लाख से ज्यादा छात्र सड़कों पर — पुणे बंद या मुंबई मंत्रालय तक मार्च की चेतावनी
- राहुल गांधी 7 या 8 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों से मिल सकते हैं; अंतिम फैसला अभ्यर्थी और माता-पिता लेंगे
Comments
Post a Comment