पुणे में 15 अक्टूबर से हर गुरुवार को पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। पुणे महानगरपालिका (PMC) ने घटते बांध-भंडार के मद्देनजर यह फैसला लिया है। अल नीनो के असर और बारिश की कमी को देखते हुए नागरिक प्रशासन उपलब्ध जल भंडार को बचाने की कोशिश में जुटा है।
अतिरिक्त महानगर आयुक्त पावनीत कौर ने बताया कि खड़कवासला बांध श्रृंखला में 12 अक्टूबर तक 26.22 हजार मिलियन घनफीट (TMC) पानी बचा है, जो सामान्य वर्षों की तुलना में कम है। भामा आसखेड और पावना बांधों के भंडार की भी समीक्षा की गई। राज्य जल संसाधन विभाग ने 5 अक्टूबर के शासनादेश में सभी स्थानीय निकायों को 16 अक्टूबर से पानी की खपत कम से कम 10 प्रतिशत घटाने का निर्देश दिया है।
भंडार 31 अगस्त 2027 तक चलाने का लक्ष्य
प्रशासन का लक्ष्य है कि मौजूदा भंडार अगले मानसून तक — यानी 31 अगस्त 2027 तक — पेयजल के लिए पर्याप्त रहे। पुणे में निर्माण कार्यों में पेयजल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है; इसके बजाय सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का शोधित पानी या बोरवेल का पानी इस्तेमाल करना होगा। वाहन धुलाई केंद्रों को भी बंद करने के आदेश दिए गए हैं। स्थिति बिगड़ने पर कटौती और सख्त की जा सकती है।
मुख्य बातें
- पुणे: 15 अक्टूबर से हर गुरुवार शहरभर में पानी की आपूर्ति बंद, PMC का बड़ा फैसला
- खड़कवासला बांध श्रृंखला में 26.22 TMC पानी, सामान्य से कम; अल नीनो और बारिश की कमी का असर
- राज्य सरकार का आदेश: 16 अक्टूबर से पानी की खपत में 10 प्रतिशत कटौती, भंडार 31 अगस्त 2027 तक चलाने का लक्ष्य
- निर्माण में पेयजल पर रोक, वाहन धुलाई केंद्र बंद; स्थिति बिगड़ने पर और सख्ती संभव
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