चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन का आंदोलन गुरुवार शाम को राजघाट पहुंच गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणा की कि गठबंधन के सदस्य गांधी स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना देंगे और प्रार्थना करेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को 'सद्बुद्धि मिले' — ताकि वे समझ सकें कि उनके काम देशहित में नहीं हैं।
शाम करीब 5:08 बजे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, खड़गे समेत इंडिया गठबंधन के सांसद बसों से राजघाट पहुंचे। इससे पहले जनपथ के सागर रत्न रेस्तरां में विपक्षी सांसदों की लंच बैठक हुई थी, जिसमें आगे की रणनीति तय की गई। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि एजेंडा नहीं बदला है — 'ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा, और यह होगा। यह सिर्फ इंडिया गठबंधन की नहीं, पूरे देश की मांग है।'
गठबंधन की मुख्य मांगें हैं — कथित 'वोट चोरी' (SIR) पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, बढ़ती महंगाई और युवाओं की समस्याएं। खड़गे ने कहा कि जहां भी रोका जाएगा, वहीं प्रदर्शन होगा।
यह विरोध का तीसरा दिन है। बुधवार को जंतर-मंतर की ओर मार्च के दौरान 91 लोगों को हिरासत में लिया गया था, और गुरुवार सुबह दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की थी। शाम का राजघाट धरना उसी कड़ी का नया राजनीतिक घटनाक्रम है।
मुख्य बातें
- खड़गे का ऐलान: गांधी स्मारक (राजघाट) पर शांतिपूर्ण धरना, PM मोदी-शाह को 'सद्बुद्धि' की प्रार्थना।
- राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और विपक्षी सांसद शाम ~5:08 बजे राजघाट पहुंचे।
- मांगें: CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, वोट चोरी, महंगाई और युवा मुद्दे।
- पवन खेड़ा: एजेंडा नहीं बदला — 'ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा'।
- विरोध का तीसरा दिन: बुधवार को 91 हिरासत, गुरुवार सुबह FIR — शाम को धरना।
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