
शिक्षा संबंधी संसद की स्थायी समिति (अध्यक्ष मुकुल वासनिक) ने NTA सुधारों पर अपनी 382वीं रिपोर्ट राज्यसभा के सभापति को 9 अक्टूबर को सौंपी। रिपोर्ट में NEET-UG के लिए उचित उम्र और प्रयास सीमा पर विचार की सिफारिश की गई है — फिलहाल NEET में न तो अधिकतम उम्र सीमा है, न ही प्रयासों की संख्या तय है; 70 से अधिक उम्र के उम्मीदवार भी परीक्षा में बैठ चुके हैं।
पैनल ने NEET को कंप्यूटर-आधारित परीक्षा (CBT) में बदलने, 2030 तक 1000 सरकारी परीक्षा केंद्र (हर जिले में एक) बनाने, दो-चरणीय मेडिकल प्रवेश और कोचिंग उद्योग के नियमन (फीस पारदर्शिता, छात्र मानसिक स्वास्थ्य) की सिफारिश की है। NTA को संसद के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए तंत्र बनाने का भी प्रस्ताव है।
पेपर लीक का पृष्ठभूमि
यह रिपोर्ट NEET-UG 2026 के रद्द होने के बाद आई है — 3 मई को हुई परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बीच 12 मई को रद्द कर दी गई थी।
मुख्य बातें
- संसदीय पैनल की 382वीं रिपोर्ट 9 अक्टूबर को सौंपी गई
- NEET-UG में उम्र-प्रयास सीमा पर विचार की सिफारिश
- CBT परीक्षा, 2030 तक 1000 सरकारी केंद्र
- कोचिंग नियमन, NTA की संसद के प्रति जवाबदेही
- NEET-UG 2026 रद्द होने के बाद आई रिपोर्ट
Comments
Post a Comment