NavIC के पुनरुद्धार की तैयारी: इसरो अक्टूबर में लॉन्च करेगा NVS-03 नेविगेशन उपग्रह
चेन्नई | 29 सितंबर — भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अक्टूबर में नेविगेशन उपग्रह NVS-03 लॉन्च करने की योजना बना रहा है। यह स्वदेशी नेविगेशन प्रणाली NavIC (नैविगेशन विद इंडियन कंस्टेलेशन) को पूरी तरह चालू करने की दिशा में अहम कदम होगा। पहले के उपग्रहों में आई तकनीकी दिक्कतों के बाद यह लॉन्च नक्षत्र को मजबूत करेगा, जो नागरिक, समुद्री और रणनीतिक नेविगेशन जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।
NavIC इसरो द्वारा विकसित स्वतंत्र उपग्रह-आधारित पोजिशनिंग और नेविगेशन प्रणाली है, जो अमेरिका के जीपीएस, यूरोप के गैलीलियो और रूस के ग्लोनास जैसी है — लेकिन खास तौर पर भारत की जरूरतों के लिए बनाई गई है। यह भारत और देश की सीमा से 1,500 किलोमीटर दूर तक के क्षेत्र में कवरेज देती है। केंद्रीय सरकार के संसद में दिए आंकड़ों के अनुसार अब तक 11 NavIC उपग्रह लॉन्च हो चुके हैं, जिनमें से 8 कार्यरत हैं।
सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पूर्व निदेशक और एयरोस्पेस वैज्ञानिक डॉ. एस. पांडियन ने कहा कि NavIC जीपीएस से ज्यादा सटीक है — यह करीब 5 मीटर की पोजिशनिंग सटीकता दे सकता है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में जीपीएस करीब 20 मीटर की सटीकता देता है। विभाग रेलवे में रियल-टाइम ट्रेन ट्रैकिंग, मछुआरों के जहाजों से संवाद, आपदा प्रबंधन और विमानन जैसे क्षेत्रों में NavIC के उपयोग को बढ़ाने पर काम कर रहा है।
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