नागपुर जिले में भूजल स्तर में तेज गिरावट और जलाशयों में कम भंडार के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला कलेक्टर कुमार आशीर्वाद ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत नागपुर जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में नए बोरवेल खोदने और मौजूदा बोरवेल को गहरा करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
प्रतिबंध का दायरा व्यापक
प्रतिबंध में निजी व्यक्ति, किसान, हाउसिंग सोसायटियां, बिल्डर, उद्योग, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और संस्थान सभी आते हैं। बोरवेल ठेकेदारों, रिग मालिकों और मशीन ऑपरेटरों को भी ऐसा काम करने से मना किया गया है। उल्लंघन पर अधिनियम की धारा 51 और अन्य कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई होगी; निगरानी SDO, तहसीलदार, पुलिस, स्थानीय निकायों और भूजल सर्वेक्षण विभाग को सौंपी गई है।
राहत वाली बात यह है कि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पहले से मौजूद बोरवेल का इस्तेमाल जारी रहेगा — प्रतिबंध सिर्फ नई खुदाई और गहराई बढ़ाने पर है। वहीं, पेयजल संकट से निपटने के लिए सरकारी विभागों के स्वीकृत कार्यों को छूट दी गई है, बशर्ते उनके पास वैध कार्य आदेश और प्रशासनिक मंजूरी हो।
मुख्य बातें
- नागपुर जिले में नए बोरवेल खोदने और गहरा करने पर पूर्ण प्रतिबंध।
- कलेक्टर कुमार आशीर्वाद का आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत आदेश।
- किसान, बिल्डर, उद्योग, ठेकेदार, रिग मालिक — सभी पर लागू।
- उल्लंघन पर धारा 51 के तहत कानूनी कार्रवाई।
- मौजूदा बोरवेल के इस्तेमाल पर कोई रोक नहीं।
- सरकारी स्वीकृत पेयजल कार्यों को वैध आदेश पर छूट।
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