नागपुर: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन का आंदोलन अब सड़क पर उतर आया है। बुधवार 8 अक्टूबर को कांग्रेस, NCP और वामपंथी दलों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नागपुर में जोरदार प्रदर्शन किया — संविधान चौक पर टायर जलाए गए, पुलिस के बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी हुई और CEC के इस्तीफे की मांग की गई। 'वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, देश बचाओ' के नारों के साथ यह मार्च वैराइटी स्क्वायर से नागपुर कलेक्ट्रेट तक निकाला गया।
यह प्रदर्शन 2 से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है। नागपुर प्रेस क्लब में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में गठबंधन नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने और भविष्य के सभी चुनाव ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से कराने की मांग रखी। नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया से दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।
नागपुर के साथ-साथ देश के कई शहरों में एक ही दिन विरोध प्रदर्शन हुए। दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेता राजघाट पर तीसरे दिन धरने पर बैठे, पटना में तेजस्वी यादव की अगुवाई में 'आक्रोश मार्च' राजभवन की ओर बढ़ा और बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में भी CJP के समर्थन में प्रदर्शन हुआ। दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि कांग्रेस मीडिया की सुर्खियों के लिए अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है।
यह आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट ने भी SIR से जुड़े फैसलों पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। इंडिया गठबंधन का कहना है कि जब तक CEC इस्तीफा नहीं देते, यह प्रदर्शन जन आंदोलन के रूप में जारी रहेगा।
संविधान चौक पर टायर जलाए; वैराइटी स्क्वायर से कलेक्ट्रेट तक मार्च — SIR वापसी और बैलेट पेपर की मांग
- 8 अक्टूबर को नागपुर में कांग्रेस, NCP और वाम दलों का बड़ा प्रदर्शन; संविधान चौक पर टायर जलाए, बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी
- मार्च वैराइटी स्क्वायर से नागपुर कलेक्ट्रेट तक निकाला गया; मांग — SIR वापस लिया जाए, चुनाव बैलेट पेपर से हों
- गठबंधन नेताओं का आरोप: SIR की प्रक्रिया से दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं
- देशभर में आंदोलन: दिल्ली में राजघाट पर तीसरे दिन धरना, पटना में आक्रोश मार्च, बेंगलुरु में CJP का प्रदर्शन
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