मुंबई उपनगर में कुर्ला-ट्रॉम्बे रेल मार्ग के किनारे बनी 3,762 अनधिकृत झोपड़ियों को इस हफ्ते से नए बेदखली नोटिस दिए जाएंगे। बॉम्बे हाईकोर्ट के 7 अक्टूबर के आदेश के बाद मध्य रेलवे (CR) ने नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नोटिस में 30 दिन के भीतर झोपड़ियां हटाकर रेलवे की जमीन शांतिपूर्ण तरीके से सौंपने को कहा जाएगा।
जस्टिस भारती डांगरे की अध्यक्षता वाली बेंच ने कुर्ला ईस्ट के राजीव गांधी नगर के 7 निवासियों की याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि पटरियों के 10 मीटर के सुरक्षा क्षेत्र में बनी झोपड़ियां न सिर्फ रेलवे संचालन में बाधा डालती हैं, बल्कि वहां रहने वालों के जीवन के लिए भी खतरा हैं। करीब 9,000 वर्ग मीटर रेलवे जमीन पर बनी ये झोपड़ियां मालगाड़ियों और तेल टैंकरों के मार्ग पर हैं।
प्रभावित परिवारों को राहत और पुनर्वास की व्यवस्था
कोर्ट ने मध्य रेलवे और राज्य प्रशासन को मिलकर हर ध्वस्त झोपड़ी पर 6 महीने तक 2,000 रुपये प्रतिमाह अंतरिम सहायता देने का निर्देश दिया है। मुंबई उपनगर के कलेक्टर को ध्वंस से पहले सभी परिवारों की पहचान दर्ज करने और SRA व प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र परिवारों के लिए आवास विकल्प तलाशने को कहा गया है। नोटिस में यह भी चेतावनी होगी कि न हटाने पर रेलवे खुद ढांचे हटाकर खर्च वसूलेगा।
बता दें कि 21 अगस्त को कुर्ला के कुरेशी नगर में 250 टन की हाइड्रॉलिक क्रेन पास की झोपड़ियों पर गिर गई थी, जिसमें 10 लोग घायल हुए थे। इससे पहले बांद्रा के गरीब नगर में 500 से अधिक अनधिकृत ढांचे गिराए गए थे, जहां करीब 100 पात्र परिवारों को MMRDA ने घर दिए थे।
मुख्य बातें
- मुंबई उपनगर: कुर्ला-ट्रॉम्बे रेल मार्ग की 3,762 झोपड़ियों को इस हफ्ते नए बेदखली नोटिस, 30 दिन में जगह खाली करने का आदेश
- बॉम्बे हाईकोर्ट (जस्टिस भारती डांगरे) ने 7 अक्टूबर को राजीव गांधी नगर निवासियों की याचिका खारिज की, ताजा नोटिस देने को कहा
- हर ध्वस्त झोपड़ी पर 6 माह तक 2,000 रुपये प्रतिमाह अंतरिम सहायता; SRA और प्रधानमंत्री आवास योजना से पुनर्वास के निर्देश
- 21 अगस्त को कुरेशी नगर में क्रेन हादसे में 10 घायल — सुरक्षा चिंता के बाद कार्रवाई तेज; पहले बांद्रा गरीब नगर में 500 ढांचे गिराए गए
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