मुंबई: पवई के बहुचर्चित फर्जी लीज डीड केस में मनसे (MNS) के विभाग प्रमुख गणेश अर्जुन चुक्कल (46) को एस्प्लेनेड कोर्ट ने 23 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट 10 इस मामले की जांच कर रही है।
मामला पवई के हीरानंदानी गार्डन्स की अडोनिया बिल्डिंग के फ्लैट नंबर 3102 और 2 पार्किंग से जुड़ा है। शिकायतकर्ता मेलरोनिया हॉस्पिटैलिटी प्रा. लि. ने आरोप लगाया है कि चुक्कल ने संपत्ति पर दावा स्थापित करने के लिए सक्षम प्राधिकरण और अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष दो फर्जी दस्तावेज पेश किए।
शिकायत के अनुसार, चुक्कल ने फ्लैट 19 जून 2018 को पंजीकृत लीव-एंड-लाइसेंस एग्रीमेंट (28 जून 2018 से 19 जून 2021 तक, 36 माह) पर लिया था। कंपनी का दावा है कि अक्टूबर 2019 से लाइसेंस फीस नहीं दी गई, और खाली करने के नोटिस के बावजूद चुक्कल फ्लैट में बने रहे। विवादित दस्तावेजों में 19 फरवरी 2004 का कथित नोटराइज्ड एग्रीमेंट (₹20 के स्टांप पेपर पर, हीरानंदानी पार्टनरों के कथित जाली हस्ताक्षर) और 8 मार्च 2019 की 30-साल की लीज डीड शामिल है, जिसमें निदेशक अलका भाटिया हीरानंदानी (अभिनेता अक्षय कुमार की बहन) के कथित जाली हस्ताक्षर हैं। पुलिस ने उनके नमूना हस्ताक्षर हैंडराइटिंग एक्सपर्ट को भेजे हैं — रिपोर्ट का इंतजार है।
जांच में स्टांप विक्रेता के रजिस्टर में छेड़छाड़ के सबूत भी मिले हैं — 15 स्टांप पेपर्स से जुड़े रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं। मामला 20 सितंबर 2022 को पवई पुलिस स्टेशन में IPC की धारा 420, 465, 467 और 471 के तहत दर्ज हुआ था; चुक्कल की अग्रिम जमानत याचिका सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी थी।
पवई फर्जी लीज डीड केस — मुख्य बातें
- मनसे नेता गणेश चुक्कल 23 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में
- अडोनिया बिल्डिंग फ्लैट 3102 + 2 पार्किंग से जुड़ा फर्जी लीज डीड केस
- अलका भाटिया हीरानंदानी के कथित जाली हस्ताक्षर — हैंडराइटिंग रिपोर्ट का इंतजार
- स्टांप पेपर रजिस्टर में छेड़छाड़ के सबूत मिले
- IPC 420/465/467/471 के तहत मामला; क्राइम ब्रांच यूनिट 10 की जांच
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