लातूर जिले के निलंगा तालुका के लांबोटा गांव में 41 वर्षीय किसान अमोल पंढरीनाथ मुगळे ने लगातार दुष्काळ और बढ़ते कर्ज से तंग आकर 11 अक्टूबर की शाम करीब 8 बजे अपने घर में गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पावसाअभावी उनकी फसल डोळ्यांदेखत जलकर नष्ट हो गई थी, वहीं बैंक और निजी साहूकार का कर्ज तथा तीन बेटियों की शिक्षा और भविष्य की चिंता उन्हें सता रही थी।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 12 अक्टूबर को निलंगा उपजिला अस्पताल में शवविच्छेदन के बाद दोपहर करीब 1 बजे शांतिवन श्मशानभूमि में उनका अंतिम संस्कार किया गया। निलंगा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु दर्ज की है; पीआई अभिषेक शिंदे के मार्गदर्शन में बीड जमादार दयानंद वासुदेव मामले की जांच कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मराठवाड़ा में दुष्काळ की मार के बीच यह घटना एक बार फिर किसानों की कर्ज और फसल बर्बादी की दोहरी मार को उजागर करती है। (नोट: 8 अक्टूबर को प्रकाशित लातूर किसान-आत्महत्या का मामला अलग व्यक्ति — 60 वर्षीय किसान — का था।)
मुख्य बातें
- लातूर के निलंगा तालुका के लांबोटा गांव में 41 वर्षीय किसान अमोल मुगळे की आत्महत्या
- 11 अक्टूबर शाम करीब 8 बजे घर में फंदा लगाया; दुष्काळ से फसल नष्ट, बैंक-साहूकार का कर्ज
- तीन बेटियों की शिक्षा और भविष्य की चिंता भी बताई जा रही है
- 12 अक्टूबर को पोस्टमॉर्टम के बाद अंतिम संस्कार; निलंगा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु दर्ज की
Comments
Post a Comment