लातूर: सूखे जैसे हालात के बीच लातूर जिले में सहकारिता विभाग और पुलिस ने अवैध साहूकारी पर बड़ा शिकंजा कसा है। शनिवार (4 अक्टूबर) को लातूर, उदगीर और देवनानी में एकसाथ 13 ठिकानों पर छापे मारे गए। सहकारिता विभाग को मिली शिकायत पर यह संयुक्त कार्रवाई की गई।
अधिकारियों के अनुसार वळंदी और कवठला में पांडुरंग रामचंद्र पांचाल के घर और वळंदी स्थित उनकी 'श्रीराम मोबाइल शॉप' की तलाशी ली गई। इसके अलावा उदगीर के साधु रामचंद्र कांबळे, पप्पू उर्फ सतीश पांढरे, राजीव बिरादर, फिरोजखान पठाण, अमोल अशोक कोथळवार और विक्रम माने के ठिकानों पर भी छापे पड़े। पंचनामा कर दस्तावेज जब्त किए गए — इनमें कैशबुक, खाताबही, ब्लैंक चेक, ब्लैंक स्टांप पेपर, बिक्री-विलेख और प्रॉमिसरी नोट्स शामिल हैं। आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
जिला कलेक्टर भारत बास्तेवाड ने कहा कि सूखे जैसी स्थिति और कृषि संकट के दौर में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार अनौपचारिक कर्ज पर ज्यादा निर्भर हो सकते हैं। 'हम स्थिति की कड़ाई से निगरानी कर रहे हैं और सुनिश्चित करेंगे कि आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे लोगों का अनधिकृत साहूकारी के जरिए शोषण न हो,' उन्होंने कहा। प्रशासन ने किसानों को अवैध साहूकारों से बचाने के लिए 'पोलिस अट योर फार्म' पहल शुरू की है और बैंकों से रबी सीजन के लिए कृषि ऋण आसान करने को कहा है।
लातूर में यह कार्रवाई सूखे के प्रकोप के बीच किसानों के हित में अहम मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बैंक कर्ज की पहुंच आसान बनाने से किसान अवैध साहूकारों के चंगुल में नहीं फंसेंगे।
सूखे जैसे हालात में कमजोर परिवारों के शोषण पर प्रशासन की निगरानी
- लातूर, उदगीर और देवनानी में 13 ठिकानों पर सहकारिता विभाग-पुलिस की संयुक्त छापेमारी
- कैशबुक, खाताबही, ब्लैंक चेक, ब्लैंक स्टांप पेपर, बिक्री-विलेख और प्रॉमिसरी नोट्स जब्त
- कलेक्टर भारत बास्तेवाड: सूखे में कमजोर परिवारों का अनधिकृत साहूकारी से शोषण नहीं होगा
- किसानों के लिए 'पोलिस अट योर फार्म' पहल; बैंकों से रबी ऋण आसान करने को कहा
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