कोल्हापूर के श्री महालक्ष्मी मंदिर में शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन (12 अक्टूबर) बैरिकेड और भीड़-नियंत्रण को लेकर श्रीपूजक, पश्चिम महाराष्ट्र देवस्थान समिति और पुलिस के बीच विवाद हो गया। मंगलवार सुबह गरुड़ मंडप के पास पुजारी और पुलिस के बीच झड़प जैसी स्थिति बनी, जिससे मंदिर परिसर में हंगामा हुआ।
श्रीपूजकों का आरोप है कि धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप हो रहा है — मंगलवार सुबह उत्सव मूर्ति को गरुड़ मंडप में बैरिकेड के कारण आगे ले जाने में बाधा आई, तो मूर्ति को वापस ले जाना पड़ा। सोमवार रात की शेजारती के समय भी आरती का मार्ग नहीं खोला गया। इस बीच भाविकों की मुख-दर्शन की कतारें 15-20 मिनट से बढ़कर करीब 1 घंटे तक खिंच गईं, जिससे भक्तों में भी भारी नाराजगी देखी गई।
बैरिकेड हटाने की मांग, अस्थायी समाधान
हिंदू जनसंघर्ष समिति ने मंदिर परिसर में बैरिकेड हटाने की मांग की और मंगलवार को आंदोलन छेड़ा। भाविकों की शिकायत है कि प्रदक्षिणा मार्ग पर बैरिकेड लगे हैं और धूप से बचने के लिए चटाई या छांव की व्यवस्था नहीं है। पुलिस निरीक्षक से चर्चा के बाद फिलहाल अस्थायी समाधान निकाला गया है।
कोल्हापूर के महालक्ष्मी मंदिर में नवरात्र के दौरान सोमवार को ही 1,19,205 भाविकों ने देवी के दर्शन किए थे। देवी इस वर्ष महालक्ष्मी स्वरूप में विराजमान हैं। मंदिर प्रशासन और पुजारियों के बीच मंगलवार के विवाद के बाद श्रद्धालुओं की व्यवस्था को लेकर अब पुलिस और देवस्थान समिति के बीच समन्वय बढ़ाने की बात कही जा रही है।
मुख्य बातें
- कोल्हापूर: महालक्ष्मी मंदिर में नवरात्र के दूसरे दिन बैरिकेड-विवाद पर पुजारी-पुलिस के बीच झड़प जैसी स्थिति
- श्रीपूजकों का आरोप: गरुड़ मंडप में उत्सव मूर्ति अटकी, धार्मिक परंपराओं में हस्तक्षेप; शेजारती का मार्ग भी नहीं खुला
- भाविक नाराज: मुख-दर्शन की कतार 1 घंटे तक, प्रदक्षिणा मार्ग पर बैरिकेड, धूप से बचाव की व्यवस्था नहीं
- पुलिस निरीक्षक से चर्चा के बाद अस्थायी समाधान; सोमवार को ही 1,19,205 भाविकों ने किए थे दर्शन
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