ओस्लो: नॉर्वे नोबेल समिति ने शुक्रवार 9 अक्टूबर 2026 को दक्षिण अफ्रीकी न्यायाधीश नवानेथेम 'नवी' पिल्ले (85) को 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा की। समिति ने उन्हें 'अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति को बढ़ावा देने के प्रयासों' के लिए सम्मानित किया है।
पिल्ले भारतीय-तमिल मूल की हैं — डरबन में रंगभेद-युग में जन्मीं। वे 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त रहीं, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) और रवांडा युद्ध-अपराध न्यायाधिकरण की न्यायाधीश रह चुकी हैं। सितंबर 2025 में उन्होंने गाजा पर संयुक्त राष्ट्र जांच आयोग की अध्यक्षता में रिपोर्ट दी थी, जिसमें इस्राइल पर गाजा में नरसंहार का निष्कर्ष निकाला गया था।
पुरस्कार के साथ 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (करीब 1.2 मिलियन डॉलर) की राशि दी जाएगी; सम्मान 10 दिसंबर को ओस्लो में प्रदान किया जाएगा। इस साल शांति पुरस्कार की 125वीं वर्षगांठ है और 2026 के लिए 287 नामांकन आए थे; पिछले साल यह सम्मान मारिया कोरिना मचाडो को मिला था।
घोषणा के कुछ ही घंटों बाद अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने ICC पर ही प्रतिबंध घोषित कर दिए — अमेरिकी कंपनियों और वित्तीय सेवाओं से लेनदेन पर रोक, छह महीने के विंड-डाउन वीवर के साथ। इस्राइल ने नोबेल फैसले को 'इस्राइल के खिलाफ राजनीतिक बदनामी' करार दिया।
नोबेल शांति पुरस्कार 2026 — मुख्य बातें
- 9 अक्टूबर को ओस्लो में नवी पिल्ले (85) को शांति नोबेल की घोषणा
- भारतीय-तमिल मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायाधीश; 2008-14 तक UN मानवाधिकार प्रमुख
- पुरस्कार राशि 12 मिलियन स्वीडिश क्रोनर; 10 दिसंबर को सम्मान
- घोषणा के घंटों बाद अमेरिका ने ICC पर प्रतिबंध लगाए
- इस्राइल ने फैसले को 'राजनीतिक बदनामी' कहा
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