गोंदिया जिले के सडक अर्जुनी तालुका के पळसगाव में 81 वर्षीय वृद्धा कुसुमबाई कापगते की हत्या और सोने के गहनों की लूट का मामला पुलिस ने एक महीने बाद सुलझा लिया है। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि मृतका के पड़ोस में रहने वाला 42 वर्षीय विलास मेश्राम निकला, जिसे पुलिस ने 9 अक्टूबर की शाम हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर को घर में अकेली कुसुमबाई की हत्या कर दो सोने की बांगड़ियां, एक अंगूठी और सोने के मोतियों वाला काला डोरा — कुल करीब 1 लाख 32 हजार रुपये के गहने लूटे गए थे। शुरुआती जांच में सीसीटीवी, फिंगरप्रिंट, श्वान-पथक और मोबाइल डेटा से कोई ठोस सुराग नहीं मिला था। लेकिन घटनास्थल पर मिली चबाई हुई सुपारी के टुकड़ों ने जांच का रुख बदल दिया।
सुपारी के डीएनए ने खोला राज
नागपुर की न्यायवैज्ञानिक प्रयोगशाला में सुपारी के डीएनए की जांच हुई और गांव के चार संदिग्धों के रक्तनमूने लिए गए। रिपोर्ट में सुपारी का डीएनए विलास मेश्राम के नमूने से हूबहू मिला। तकनीकी जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी भारी कर्ज में डूबा था और उसने सडक अर्जुनी, सौंदड और भंडारा जिले के लाखनी के सराफा व्यापारियों से बिचौलियों के जरिए संपर्क किया था। पूछताछ में आरोपी ने गहनों के लिए हत्या की बात कबूल कर ली।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा और डुग्गीपार पुलिस की टीम ने की। पुलिस का कहना है कि लूटे गए सोने के गहनों की बरामदगी की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
मुख्य बातें
- पळसगाव में 2 सितंबर को 81 वर्षीय कुसुमबाई कापगते की हत्या
- 1.32 लाख रुपये के सोने के गहने लूटे गए थे
- घटनास्थल पर मिली चबाई सुपारी से डीएनए जांच
- नागपुर प्रयोगशाला में सुपारी का डीएनए आरोपी से मिला
- पड़ोसी विलास मेश्राम (42) गिरफ्तार, जुर्म कबूला
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