गोंदिया: SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के विरोध में इंडिया आघाड़ी की गोंदिया जिला इकाई ने हल्लाबोल मोर्चा निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मोर्चे के बाद उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में आघाड़ी ने आरोप लगाया कि SIR के माध्यम से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है। आघाड़ी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्णयों की जांच की मांग की।
इंडिया आघाड़ी के अनुसार चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले आठ महीनों में CEC के निर्णयों पर कई बार आधिकारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। इन आपत्तियों में SIR प्रक्रिया, मतदाता नाम जोड़ने-विलोपित करने और चुनाव आयोग की आईटी प्रणाली के केंद्रीकरण से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
मोर्चे में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमर वराडे, NCP-SP (शरदचंद्र पवार) के रविकांत बोपचे, शिवसेना (उबाठा) के पंकज यादव, CPI के हौसलाल रहांगडाले समेत तिरोड़ा, सड़क अर्जुनी, मोरगांव अर्जुनी और देवरी के तहसील अध्यक्ष बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने SIR में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
गोंदिया: SIR के खिलाफ हल्लाबोल की मुख्य बातें
- गोंदिया जिला इकाई ने SIR के विरोध में निकाला हल्लाबोल मोर्चा, CEC ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग
- SDO के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन, आरोप — SIR से बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हट रहे हैं
- EC कमिश्नर संधू और जोशी ने 8 महीनों में CEC के निर्णयों पर दर्ज की थीं आधिकारिक आपत्तियां
- अमर वराडे, रविकांत बोपचे, पंकज यादव, हौसलाल रहांगडाले समेत चारों तहसीलों के अध्यक्ष शामिल
- मांग: SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची में किसी भी अनियमितता पर रोक
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