गोंदिया जिले की सडक अर्जुनी तहसील के पळसगाव (राका) में 81 वर्षीय महिला कुसुमबाई चैतराम कापगते की हत्या और डकैती का मामला सुलझ गया है। 2 सितंबर 2026 को घर में अकेली कुसुमबाई की हत्या कर आरोपी ने 1 लाख 32 हजार रुपये का सोना लूट लिया था। गोंदिया पुलिस को यह सफलता घटनास्थल पर मिले चबाई हुई सुपारी के टुकड़ों के डीएनए से मिली है।
स्थानीय अपराध शाखा और डुग्गीपार पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज, श्वानपथक, अंगुलीमुद्रा विशेषज्ञों और मोबाइल डेटा के विश्लेषण से शुरुआत में कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इसके बाद घटनास्थल की बारीकी से जांच में पुलिस को चबाई हुई सुपारी के टुकड़े मिले, जिन्हें नागपुर की न्यायवैज्ञानिक प्रयोगशाला भेजा गया। संदेह के आधार पर गांव के चार लोगों के रक्त के नमूने भी लिए गए थे।
कर्जबाजारी पड़ोसी ही निकला आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कुसुमबाई के घर के पास रहने वाला विलास किशन मेश्राम (42) भारी कर्ज में डूबा है। उसने लूटा हुआ सोना बेचने के लिए बिचौलियों के जरिए सडक अर्जुनी, सौंदड और भंडारा जिले के लाखनी के सराफों से संपर्क किया था। सुपारी के टुकड़ों का डीएनए विलास मेश्राम के रक्त के नमूने से बिल्कुल मेल खा गया। 9 अक्टूबर को हिरासत में लेने के बाद उसने कर्ज चुकाने के लिए सोने के लालच में हत्या करने की बात कबूल कर ली।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और लूटा गया सोना बरामद करने की कार्रवाई जारी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस जांच की निगरानी एसपी गोरख भामरे कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- 2 सितंबर को पळसगाव (राका) में 81 साल की कुसुमबाई की हत्या, 1.32 लाख का सोना लूटा
- सुपारी के टुकड़ों का डीएनए नागपुर प्रयोगशाला में पड़ोसी विलास मेश्राम से मिला
- 9 अक्टूबर को हिरासत में लेने के बाद आरोपी ने कर्ज के लिए हत्या करना कबूल किया
- आरोपी गिरफ्तार, लूटा गया सोना बरामद करने की कार्रवाई जारी
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