महाराष्ट्र के गोंदिया जिले के चार तालुकों — आमगाव, देवरी, सालेकसा और गोंदिया — समेत राज्य के 18 तालुकों में फसलों का 20 प्रतिशत ग्राउंड ट्रुथिंग सर्वेक्षण होगा। राज्य सरकार ने इस संबंध में शासन निर्णय (जीआर) 9 अक्टूबर को जारी कर दिया है। यह सर्वेक्षण जून-सितंबर 2026 में कम बारिश और अन्य प्रतिकूल कारणों से खराब हुई खरीफ फसलों की वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने 9 अक्टूबर को नागपुर में यह जानकारी दी कि कैबिनेट उपसमिति की 29 सितंबर की बैठक के बाद 18 तालुकों के ग्राउंड ट्रुथिंग का जीआर निकाला गया है। सर्वेक्षण पांच प्रमुख फसलों के 20 प्रतिशत क्षेत्र में किया जाएगा, और इसकी रिपोर्ट के आधार पर इन तालुकों को दुष्काळग्रस्त (सूखाग्रस्त) सूची में शामिल करने का निर्णय लिया जाएगा। संबंधित जिला कलेक्टरों को इसकी सूचना दे दी गई है।
ग्राउंड ट्रुथिंग से क्या बदलेगा?
विपक्षी दलों और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद सरकार ने पहले 265 तालुकों के अलावा 36 और तालुकों को सूची में जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे अब राज्य में कुल 301 तालुके दुष्काळग्रस्त घोषित हो गए हैं। बावनकुळे ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के दुष्काळ की दखल ली है और केंद्र से तीन पथक सर्वेक्षण के लिए राज्य में भेजे गए हैं। गोंदिया के लिए यह बड़ी राहत की खबर हो सकती है, क्योंकि जिले के चार तालुके इस सर्वे के दायरे में हैं।
मुख्य बातें
- गोंदिया के 4 तालुकों (आमगाव, देवरी, सालेकसा, गोंदिया) समेत राज्य के 18 तालुकों में 20% ग्राउंड ट्रुथिंग
- 9 अक्टूबर को नागपुर में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने की घोषणा, जीआर जारी
- 5 प्रमुख फसलों के 20% क्षेत्र का सर्वे; रिपोर्ट पर दुष्काळ सूची का फैसला
- राज्य में कुल 301 तालुके अब दुष्काळग्रस्त; केंद्र के तीन पथक भी सर्वे के लिए पहुंचे
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