पेरिस/वाशिंगटन: ग्रुप ऑफ सेवन (G7) देशों ने शुक्रवार (2 अक्टूबर) को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की निगरानी में अगले चार महीनों में 100 मिलियन बैरल तक डीजल और कच्चा तेल जारी करने पर सहमति जता दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि पहले 20 दिनों में डीजल की बड़ी खेप जारी की जाएगी।
यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारी दबाव के बाद आया है। ट्रंप ने यूरोप को डीजल निर्यात पर प्रतिबंध की धमकी दी थी, जिससे यूरोप में ईंधन संकट गहरा सकता था। ट्रंप ने अपने Truth Social पोस्ट में कहा — "यूरोप ने भारी मात्रा में अपना संग्रहित डीजल जारी करने पर सहमति दे दी है।" मैक्रों ने पुष्टि की कि G7 देशों के बीच ऊर्जा निर्यात पर कोई पाबंदी नहीं लगेगी।
पृष्ठभूमि में ईरान के साथ अमेरिका का युद्ध और रूस पर प्रतिबंधों से वैश्विक आपूर्ति तंग है। अमेरिका ने मार्च में घोषित 400 मिलियन बैरल रिलीज में लगभग आधी मात्रा दी थी; मंगलवार को 40 मिलियन बैरल की ताजा खेप जारी की गई। यूरोपीय आयोग ने पहले ट्रंप की धमकी को "अविश्वसनीय साझेदार" वाला कदम बताया था।
विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिका में ईंधन की कीमतें घटाने की ट्रंप की कोशिश का हिस्सा है। हालांकि यूरोप को चिंता है कि आपात भंडार खाली करने से भविष्य में आपूर्ति झटकों से निपटना मुश्किल होगा।
मुख्य बातें
- G7 नेताओं ने 4 महीनों में 100 मिलियन बैरल तेल-डीजल जारी करने का फैसला किया
- पहले 20 दिनों में डीजल की बड़ी खेप — IEA की निगरानी में रिलीज होगी
- ट्रंप ने दी थी अमेरिकी डीजल निर्यात पर प्रतिबंध की धमकी, अब टली
- G7 देशों के बीच ऊर्जा निर्यात पर कोई पाबंदी नहीं लगेगी — मैक्रों
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