सूखे से जूझ रहे बीड जिले में प्रशासन ने घटते जलसंसाधनों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाया है — सिंचाई परियोजना से अवैध तरीके से पानी निकालने के आरोप में महाराष्ट्र की पहली प्राथमिकी दर्ज की गई है। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार जलसंसाधन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने 7 अक्टूबर को वडवणी तालुका के उर्ध्व कुंडलिका मध्यम परियोजना का निरीक्षण किया, जहां किसान बिना अनुमति इलेक्ट्रिक पंपों से पानी खींचते पाए गए।
पंप हटाने के निर्देश पर कुछ लोगों ने टीम से बहस की और सरकारी काम में बाधा डाली। इसके बाद 8 अक्टूबर को वडवणी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 223(ए), 3(5) और 324(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। एक अलग कार्रवाई में 8 अक्टूबर को ही कैज तालुका के आरणवाडी भंडारण टैंक पर भी बिना अनुमति इलेक्ट्रिक पंपों से पानी निकालते पाया गया, जिस पर धारूर पुलिस स्टेशन में गैर-संज्ञेय शिकायत दर्ज हुई।
जिलाधिकारी विवेक जॉनसन ने चेतावनी दी है कि सिंचाई परियोजनाओं से अनधिकृत जल निकासी पर महाराष्ट्र सिंचाई अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। एनडीटीवी के अनुसार बीड प्रशासन ने उर्ध्व कुंडलिका परियोजना और आरणवाडी टैंक पर अवैध मोटर लगाने वालों के खिलाफ केस दर्ज कर संयुक्त अभियान चलाया है।
पृष्ठभूमि में बीड के जलाशयों में भंडारण घटकर 16.38 प्रतिशत रह गया है।
मुख्य बातें
- महाराष्ट्र की पहली पानी-चोरी FIR।
- वडवणी में बीएनएस धाराओं में केस।
- इलेक्ट्रिक पंपों से अवैध उपसा पकड़ा।
- कैज में भी गैर-संज्ञेय शिकायत।
- जलाशयों में 16.38 फीसदी भंडारण।
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