चंद्रपुर: चंद्रपुर के बल्लारपुर पुलिस ने 5 अक्टूबर को CJP के एक समर्थक को BNSS की धारा 168 के तहत नोटिस भेजा है, जो 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहा था। नोटिस में पूछा गया है कि वह आंदोलन में क्यों शामिल हो रहा है, यात्रा का खर्च कौन दे रहा है और उसका मकसद क्या है।
नोटिस में बिना अनुमति प्रदर्शन में भाग न लेने का निर्देश दिया गया है और भड़काऊ सोशल-मीडिया पोस्ट या उकसावे वाले भाषण न देने की चेतावनी दी गई है, साथ ही निवारक या आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। पुलिस ने यह भी दर्ज किया है कि चंद्रपुर में महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 37(1)(3) लागू है।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 6 अक्टूबर को छत्रपति संभाजीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि कई कार्यकर्ताओं को ऐसे ही नोटिस मिले हैं। उन्होंने इसे 'तानाशाही' बताते हुए सवाल उठाया कि पुलिस पहले से ही आंदोलन को 'हिंसक' कैसे मान सकती है।
10 अक्टूबर का प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूचियों से नाम काटे जाने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया है — इसकी घोषणा दीपके की 2 अक्टूबर की शिवाजी पार्क (मुंबई) रैली के बाद हुई थी। 7 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में सादे कपड़ों में पुलिस ने बैठक में कार्यकर्ताओं के नाम दर्ज किए और FIR की चेतावनी दी, जबकि नागपुर में पुलिस समन्वयक के घर भी पहुंची।
10 अक्टूबर के दिल्ली प्रदर्शन से रोकने की कोशिश? अभिजीत दीपके बोले — ये तानाशाही है
- चंद्रपुर: बल्लारपुर पुलिस ने 5 अक्टूबर को CJP समर्थक को BNSS धारा 168 का नोटिस भेजा
- नोटिस में पूछा — प्रदर्शन में क्यों जा रहे, यात्रा का खर्च कौन दे रहा, मकसद क्या
- बिना अनुमति प्रदर्शन में शामिल न हों, भड़काऊ पोस्ट या भाषण न दें — निवारक कार्रवाई की चेतावनी
- अभिजीत दीपके का 'तानाशाही' का आरोप — 6 अक्टूबर को छत्रपति संभाजीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस
- 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन
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