
चंद्रपुर. विसापुर (बल्लारपूर मार्ग) स्थित सन्मित्र सैनिक स्कूल के छात्रावास में गुरुवार शाम करीब 6 बजे 12 वर्षीय छात्र जीवन झरेकर की मौत हो गई। जीवन राजुरा तालुका के खमाडा गांव का रहने वाला था।
बताया जाता है कि 8 अक्टूबर को त्वचा में खुजली की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन ने पिता विलास झरेकर को बुलाकर बच्चे को 3-4 दिन घर पर रखने की सलाह दी थी। पिता ने डॉक्टर से प्राथमिक उपचार कराने के बाद करीब 2 घंटे में ही बच्चे को वापस स्कूल छोड़ दिया। पुलिस के अनुसार घर जाने की इच्छा पूरी न होने से छात्र मानसिक रूप से परेशान था।
परिवार ने लगाए लापरवाही के आरोप
परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं — परिजनों का कहना है कि शुरुआत में स्कूल ने उन्हें सिर्फ "तबीयत बिगड़ने" की जानकारी दी थी। वहीं स्कूल प्राचार्य ने लापरवाही के आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि तबीयत खराब होते ही बच्चे को उपचार दिलाया गया और पिता को तुरंत सूचित किया गया था।
पुलिस और स्कूल प्रशासन ने परिजनों को सीसीटीवी फुटेज दिखाया है। रामनगर थाना प्रभारी प्रभावती एकुरके के अनुसार मामले की आत्महत्या के पहलू सहित सभी पहलुओं से जांच जारी है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
मुख्य बातें
- विसापुर सैनिक स्कूल के छात्रावास की घटना
- 12 वर्षीय जीवन झरेकर की मौत
- परिवार ने लगाए लापरवाही के आरोप
- प्राचार्य ने आरोप खारिज, पुलिस जांच में
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