ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने शनिवार दस अक्टूबर को राष्ट्रीय दिवस के भाषण में 2027 के लिए रिकॉर्ड रक्षा बजट की घोषणा की — 1.1 ट्रिलियन ताइवानी डॉलर (करीब 34.5 अरब अमेरिकी डॉलर), जो जीडीपी के तीन फीसदी से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि रक्षा निवेश का मकसद "युद्ध को उकसाना नहीं, युद्ध को रोकना" है।
राष्ट्रपति लाई ने चीन की "सैन्य और ग्रे-जोन गतिविधियों" की आलोचना करते हुए कहा — "शांति सिर्फ इच्छाओं पर निर्भर नहीं हो सकती"। उन्होंने दोहराया कि ताइवान शांति चाहता है, लेकिन अपनी आज़ादी नहीं छोड़ेगा। भाषण से पहले ताइपेई के आसमान में लड़ाकू जेटों और विशाल ताइवान झंडे लिए दो चिनूक हेलीकॉप्टरों ने फ्लाईपास्ट किया; हजारों लोग और विदेशी राजनयिक समारोह में मौजूद थे।
चीन के ताइवान मामलों के कार्यालय ने भाषण की तीखी निंदा की और कहा कि यह "तथ्यों को नज़रअंदाज़ करता है और सच्चाई को विकृत करता है"। बीजिंग ताइवान को अपना अभिन्न हिस्सा मानता है और राष्ट्रपति लाई को "अलगाववादी" कहता रहा है।
ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव के बीच यह घोषणा अहम मानी जा रही है। अमेरिका ताइवान का सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता है और क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी पर वॉशिंगटन व सहयोगी देश लगातार चिंता जता रहे हैं।
मुख्य बातें
- 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय दिवस भाषण
- 2027 के लिए 1.1 ट्रिलियन डॉलर बजट
- जीडीपी के 3 फीसदी से ज्यादा
- चीन की गतिविधियों की निंदा
- फ्लाईपास्ट में जेट और चिनूक हेलीकॉप्टर
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