पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने रविवार को खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आपातकाल (state of emergency) लगाने पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार को बर्खास्त कर दिया गया है और संघीय सरकार ने प्रांत का प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।
आपातकाल की वजह
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय के अनुसार, यह फैसला "बिगड़ती कानून-व्यवस्था" और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रांतीय सरकार की "जानबूझकर लापरवाही" के कारण लिया गया है। हाल के हफ्तों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों में बढ़ोतरी का हवाला दिया गया है। आपातकाल पाकिस्तान के संविधान के दो सुरक्षा-संबंधी अनुच्छेदों 232(1) और 234(1) के तहत लगाया गया है।
पीटीआई की प्रतिक्रिया
पृष्ठभूमि में अगस्त 2023 से जेल में बंद इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर पीटीआई समर्थक एक हफ्ते से लॉन्ग मार्च कर रहे थे; 4 अक्टूबर को सरकार के साथ बातचीत टूट गई थी। पीटीआई अध्यक्ष गोहर अली खान ने इस फैसले को "अत्यंत चिंताजनक और गंभीर राजनीतिक गलती" बताया है, जबकि पार्टी प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने इसे "हास्यास्पद फैसला" करार दिया।
मुख्य बातें
- राष्ट्रपति जरदारी ने खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल पर हस्ताक्षर किए।
- इमरान खान की PTI की प्रांतीय सरकार बर्खास्त; संघीय नियंत्रण लागू।
- कारण: बिगड़ती कानून-व्यवस्था और आतंकवाद से लड़ाई में "जानबूझकर लापरवाही"।
- संविधान के अनुच्छेद 232(1) और 234(1) के तहत आपातकाल।
- TTP हमलों में बढ़ोतरी का हवाला; इमरान समर्थक एक हफ्ते से लॉन्ग मार्च पर थे।
- PTI अध्यक्ष गोहर खान: "गंभीर राजनीतिक गलती"; प्रवक्ता: "हास्यास्पद फैसला"।
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