दस अक्टूबर 2025 को घोषित गाजा युद्धविराम की पहली बरसी पर भी गाजा में खून-खराबा थमा नहीं। शनिवार दस अक्टूबर 2026 को इस्राइली हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई, जिनमें गाजा सिटी के पश्चिमी इलाके में ड्रोन हमले में मारी गई आठ साल की बच्ची शहद अब्दुल-रज्जाक अल-नज्जार भी शामिल है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार युद्धविराम लागू होने के बाद से अब तक कम से कम 1,481 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 5,254 घायल हुए हैं। सौ से ज्यादा मानवीय और मानवाधिकार संगठनों ने शुक्रवार को कहा कि गाजा का युद्धविराम "सिर्फ नाम का" रह गया है, क्योंकि इस्राइली हमले रोज जारी हैं।
युद्धविराम के एक साल में हमास ने बीस जीवित बंधकों को रिहा किया और गाजा मोर्चे से इस्राइल पर एक भी रॉकेट हमला नहीं हुआ। लेकिन राजनीतिक वादे अधूरे हैं — समझौते के तहत इस्राइली सेना को गाजा के 53 फीसदी हिस्से में रहने की अनुमति थी, लेकिन अब वह करीब 70 फीसदी इलाके पर काबिज है। हमास ने जुलाई में हथियार डालने की घोषणा की थी, मगर सत्यापन योग्य निरस्त्रीकरण नहीं हुआ है और पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित 2.45 अरब डॉलर की योजना का एक भी डॉलर गाजा तक नहीं पहुंचा है।
इस बीच प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू, जो कड़े चुनावी मुकाबले में हैं, ने सात अक्टूबर 2023 के हमले में शामिल हर व्यक्ति को मारने की कसम दोहराई है। उन्होंने दावा किया कि छह हजार हमास लड़ाकों में से चार हजार मारे जा चुके हैं।
मुख्य बातें
- 10 अक्टूबर को युद्धविराम की पहली बरसी
- इस्राइली हमलों में आठ की मौत
- युद्धविराम के बाद 1481 की मौत, 5254 घायल
- 100 से ज्यादा एनजीओ: समझौता सिर्फ नाम का
- 70 फीसदी गाजा पर इस्राइली कब्जा
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