
पूर्व पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को शनिवार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह नई दिल्ली के साउथ एवेन्यू बस स्टैंड पर धरने पर बैठी थीं और सीजेपी के जंतर-मंतर विरोध का समर्थन कर रही थीं।
पीटीआई के वीडियो में ममता बनर्जी और पार्टी नेता सड़क किनारे धरना देते दिखे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। तृणमूल सांसद साकेत गोखले का दावा है कि उन्हें निवास के बाहर से प्रिजनर वैन में ले जाया गया। डेरेक ओब्रायन और डोला सेन समेत कई नेता भी हिरासत में लिए गए।
हिरासत के बाद बयान
हिरासत के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध किया लेकिन उन्हें बैठने भी नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि डरने की जरूरत नहीं है और लड़ाई जारी रहेगी। तृणमूल कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर विरोध की अनुमति नहीं दी थी; इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे करीब 200 लोगों को भी हिरासत में लिया गया।
मुख्य बातें
- साउथ एवेन्यू बस स्टैंड पर धरना दे रही थीं ममता बनर्जी
- डेरेक ओब्रायन, डोला सेन समेत कई नेता हिरासत में
- सीजेपी के जंतर-मंतर विरोध का समर्थन किया
- चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध
- जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे 200 लोग भी हिरासत में
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