मास्को स्थित अमेरिकी दूतावास ने 6 अक्टूबर को एक हेल्थ अलर्ट जारी किया, जिसमें इर्कुट्स्क क्षेत्र में न्यूमोनिक प्लेग के संदिग्ध मामले और इससे जुड़े क्वारंटाइन उपायों की रिपोर्टों का हवाला दिया गया। दूतावास ने कहा कि वह इर्कुट्स्क में एक लैब कर्मी की मौत और अस्पतालों में बंदी से जुड़ी प्रेस रिपोर्टों से अवगत है।
मामला साइबेरिया और सुदूर पूर्व के एंटी-प्लेग संस्थान की एक महिला लैब कर्मी डारिया की मौत से जुड़ा है, जिसकी उम्र 20 के दशक के उत्तरार्ध में बताई गई है। रूसी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मृतका के संपर्क में आए करीब 200 लोगों को एहतियातन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि वह बारीकी से निगरानी कर रहे हैं — 'यह घबराने का नहीं, ध्यान देने का विषय है'।
रूस ने अफवाहों को खारिज किया है। इर्कुट्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने कहा कि मौत का कारण 'अज्ञात कारण का निमोनिया' दर्ज हुआ है और जैविक नमूनों में कार्य से जुड़ा कोई रोगाणु नहीं मिला। स्वास्थ्य निगरानी संस्था रोस्पोत्रेबनाद्जोर ने संस्थान का निरीक्षण किया और कोई आपातकालीन स्थिति नहीं पाई। WHO ने भी प्लेग महामारी के जोखिम को कम बताया है।
अमेरिकी विदेश विभाग की लेवल-4 'Do Not Travel' एडवाइजरी रूस के लिए यथावत है। दूतावास ने कहा कि रूस में मौजूद अमेरिकी नागरिक तुरंत देश छोड़ दें और मॉस्को के बाहर अमेरिकी सरकार की सहायता सीमित रहेगी।
मुख्य बातें
- मास्को स्थित अमेरिकी दूतावास ने 6 अक्टूबर को हेल्थ अलर्ट जारी किया — इर्कुट्स्क में न्यूमोनिक प्लेग का संदिग्ध मामला।
- साइबेरिया के एंटी-प्लेग संस्थान की एक महिला लैब कर्मी डारिया की मौत के बाद इर्कुट्स्क में क्वारंटाइन और अस्पताल बंदी की खबरें।
- विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मौत को 'cause for focus' बताया; राष्ट्रपति ट्रंप भी मामले को बारीकी से देख रहे हैं।
- रूस ने आपातकाल की बात खारिज की — गवर्नर बोले 'अज्ञात कारण का निमोनिया', निरीक्षण में कुछ नहीं मिला।
- स्टेट डिपार्टमेंट की लेवल-4 'Do Not Travel' एडवाइजरी बरकरार — रूस में मौजूद अमेरिकियों से तुरंत निकलने की अपील।
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