वाशिंगटन। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और ब्रिटिश विदेश मंत्री ने सोमवार को टेलीफोन पर बातचीत में होरमुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा, ईरान की कार्रवाइयों और वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के उपायों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को बातचीत से समाप्त करने के प्रयासों पर भी विचार किया।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों नेताओं ने होरमुज जलडमरूमध्य में आवागमन की सुरक्षा और ईरान को उसकी कार्रवाइयों के लिए जवाबदेह ठहराने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। ब्रिटेन में अमेरिकी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए निरंतर सहयोग पर भी सहमति बनी, हालांकि किन सुविधाओं का जिक्र था, यह नहीं बताया गया।
बातचीत ऐसे समय हुई है जब होरमुज जलडमरूमध्य — जिससे दुनिया के पांचवें हिस्से से ज्यादा पेट्रोलियम शिपमेंट गुजरता है — ईरान के साथ जारी टकराव का केंद्र बना हुआ है। भारत जैसे बड़े एशियाई ऊर्जा आयातक देशों के लिए इस मार्ग से कच्चे तेल और LNG की आपूर्ति महत्वपूर्ण है, और लंबी रुकावट से वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर असर पड़ सकता है।
विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि सोमवार की बातचीत के बाद ईरान के खिलाफ कोई नया प्रतिबंध, नौसैनिक तैनाती या परिचालन व्यवस्था घोषित नहीं की गई। रुबियो ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने और रूस-यूक्रेन संघर्ष का समझौते से अंत कराने में घनिष्ठ साझेदारी के महत्व को दोहराया।
मुख्य बातें
- रुबियो-ब्रिटिश मंत्री: होरमुज सुरक्षा पर बातचीत
- ईरान को जवाबदेह ठहराने पर सहमति
- कोई नया प्रतिबंध या तैनाती नहीं घोषित
- भारत समेत एशिया के लिए होरमुज अहम मार्ग
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