अकोला: अकोला शहर की पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत काटेपूर्णा प्रकल्प में जलसंचय लगातार घट रहा है। जल भंडारण कम होने के बाद अकोला मनपा ने पानी की बचत के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं, ताकि शहर में जलसंकट गहरा न सके।
रिपोर्ट के अनुसार काटेपूर्णा बांध में जल भंडारण काफी नीचे चला गया है। मनपा के जलापूर्ति विभाग ने स्थिति पर नजर रखते हुए कहा है कि शहर के किसी भी क्षेत्र में पानी की समस्या पैदा होने पर वहां टैंकरों से जलापूर्ति की जाएगी। मनपा समिति के विजय अग्रवाल ने कहा कि काटेपूर्णा बांध का पानी दिन-प्रतिदिन कम हो रहा है, इसलिए नागरिकों को पानी बहुत संभालकर इस्तेमाल करना चाहिए।
अकोला जिले में इस साल बारिश सामान्य से काफी कम हुई है — एक रिपोर्ट के अनुसार सामान्य बारिश का करीब 64 फीसदी ही दर्ज हुआ और करीब 50 दिनों से बारिश नहीं हुई है। काटेपूर्णा के साथ मोर्णा, पूर्णा और अन्य नदियों में भी पानी का स्तर बेहद कम है। शहर के कई क्षेत्रों से भूजल स्तर में गिरावट की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, और कुछ इलाकों में 10 दिन में एक बार पानी मिलने की खबरें हैं।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 16 अक्टूबर से पूरे महाराष्ट्र में 10 प्रतिशत पानी कटौती का ऐलान किया है; पेयजल को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पानी की बर्बादी (लीकेज) रोकने और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अकोला मनपा ने भी नागरिकों से अपील की है कि पानी की हर बूंद का समझदारी से इस्तेमाल करें और प्रशासन का सहयोग करें।
पानी बचाने के लिए मनपा के निर्देश
- अकोला: काटेपूर्णा प्रकल्प में घटा जलसंचय — शहर की पेयजल आपूर्ति के मुख्य स्रोत में पानी कम होने से जलसंकट की आहट
- अकोला मनपा ने पानी बचाने के सख्त निर्देश जारी किए; जरूरत पड़ने पर शहर में टैंकरों से जलापूर्ति की तैयारी
- इस साल सामान्य का करीब 64% ही बारिश, करीब 50 दिनों से बारिश नहीं — मोर्णा, पूर्णा समेत नदियों में पानी का स्तर बेहद कम
- राज्य सरकार का 16 अक्टूबर से 10% पानी कटौती का ऐलान; अकोला में भूजल स्तर में गिरावट की शिकायतें भी सामने आईं
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