भंडारा जिले के धोप गांव के किसान राजेंद्र सपाटे की मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। सूखे और कीट प्रकोप से धान की फसल तबाह होने के बाद सपाटे ने 8 अक्टूबर को आत्महत्या की थी। इससे ठीक पांच दिन पहले, 3 अक्टूबर को उन्होंने रोते हुए पालकमंत्री पंकज भोयर के सामने अपनी कैफियत रखी थी — इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री परिणय फुके शुक्रवार 9 अक्टूबर को धोप पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। फुके ने परिवार को बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया और सूखा राहत व धान बोनस का मामला मुख्यमंत्री के सामने उठाने का वादा किया। उन्होंने बताया कि धान पट्टी के विधायकों और सांसदों ने मंत्री छगन भुजबल से मुलाकात की है, जिन्होंने जल्द मुआवजे के निर्देश दिए हैं।
ठाकरे गट की मांग: कलम 306 के तहत FIR
दूसरी तरफ शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के भंडारा जिलाध्यक्ष संजय रेहपाडे ने मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर और उन अधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (कलम 306) के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है, जिनकी निष्क्रियता से सपाटे की फाइल अटकी रही। रेहपाडे ने पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये की मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी मांग की है।
रेहपाडे ने कहा कि अंधळगांव थाने में इस आशय की शिकायत दर्ज कराई जाएगी और अगर पुलिस ने नजरअंदाज किया तो शिवसेना स्टाइल आंदोलन छेड़ा जाएगा। उल्लेखनीय है कि तुमसर और मोहाडी तहसील को सूखा सूची में शामिल करने की मांग किसानों ने पहले ही उठाई थी; बाद में दोनों तहसीलों को ग्राउंड वेरिफिकेशन में शामिल किया गया था।
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